भूपेश बघेल के पिता की राष्ट्रपति से मांग, बैलट वोटिंग बहाल हो नहीं तो इच्छामृत्यु दे दें

Indrajeet kumar, Last updated: Tue, 11th Jan 2022, 6:27 PM IST
  • छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंद कुमार बघेल ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर बैलेट से वोटिंग कराने की मांग की है और अगर राष्ट्रपति ऐसा नहीं कर सकते तो मतदाता दिवस के दिन मुझे इच्छा मृत्यु की इजाजत दें. उन्होंने अपने पत्र में ये भी लिखा है कि संवैधानिक अधिकारों का हनह हो रहा है.
नंद कुमार बघेल बाएं और भूपेश बघेल दाएं (फोटो सोर्स - नंद कुमार बघेल ट्विटर हैंडल)

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंद कुमार बघेल ने राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखकर देश में ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की है. ऐसा नहीं होने पर उन्होंने राष्ट्रपति इच्छा मृत्यु की अनुमति भी मांगी है. नंद कुमार बघेल राष्ट्रीय मतदाता जागृति मंच के अध्यक्ष हैं. उन्होंने राष्ट्रपति को भेजें पत्र में लिखा है कि देश के नागरिकों के सभी संवैधानिक अधिकारों का व्यापक स्तर पर हनन हो रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र के तीनों स्तंभ विधायिका, न्यायपालिका और कार्यपालिका ध्वस्त हो रहे हैं. मीडिया भी लोकतंत्र के तीनों स्तंभों के इशारे पर काम कर रही है. उन्होंने कहां है कि प्रार्थी समेत देश के नागरिकों के अधिकारों के बारे में कोई सुनने वाला नहीं है.

कई विकसित देशों में बैलेट पेपर से हो रहा है चुनाव

नंद कुमार बघेल ने अपने पत्र में यह भी लिखा है कि निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार का कर्तव्य है कि चुनाव में मतदान और मतगणना की पारदर्शी व्यवस्था लागू करें. ताकि इसका मूल्यांकन जनता खुद भी कर सके. उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि बैलेट पेपर और बैलट बॉक्स चुनाव की ऐसी व्यवस्था है जो दुनिया के सभी विकसित देशों में अपनाई जा रही है. उन्होंने कहा है कि वे देश तकनीक में हमसे बहुत आगे हैं. फिर भी अपने नागरिकों को विश्वास देने के लिए बैलेट पेपर से चुनाव करवा रहे हैं. हमारे देश की संवैधानिक संस्थाएं लोकतंत्र में जनता का विश्वास बनाए रखने में नाकाम होती जा रही है. इस मामले में कोई भी किसी प्रकार की सुनवाई करने को तैयार नहीं है.

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मतदाता दिवस पर इच्छा मृत्यु की मांग की

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंद कुमार बघेल ने राष्ट्रपति को लिखी अपनी चिट्ठी में कहा है कि ऐसी परिस्थितियों में जब उनके सभी अधिकारों का हनन हो रहा है तो उनके जीने का उद्देश्य ही खत्म होता जा रहा है. और भारत का नागरिक होने के नाते उनकी प्रज्ञा उन्हें जीने की अनुमति नहीं दे रही है. उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि राष्ट्रपति ने संविधान की रक्षा की शपथ ली है. लेकिन मेरे संवैधानिक अधिकारों की रक्षा नहीं हो पा रही है. जिसके वजह से मेरे पास इच्छा मृत्यु के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है. नंद कुमार बघेल ने अपने पत्र में लिखा है कि राष्ट्रपति ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव करने का आदेश जारी करें. और अगर ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से वोटिंग संभव नहीं है तो मुझे इस साल 25 तारीख को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के दिन इच्छा मृत्यु करने की अनुमति प्रदान की जाए.

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