निलंबित IPS जीपी सिंह अरेस्ट, भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति मामले में थे फरार

Ankul Kaushik, Last updated: Wed, 12th Jan 2022, 12:07 PM IST
  • ईओडब्ल्यू की टीम ने छत्तीसगढ़ के निलंबित IPS जीपी सिंह को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया है. अब टीम उन्हें रायपुर लेकर जाएगी. आईपीएस जीपी सिंह आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के मामले में फरार चल रहे थे. वहीं सरकार ने भ्रष्टाचार का मामला सामने आने के बाद आईपीएस जीपी सिंह को निलंबित कर दिया था.
IPS जीपी सिंह (फाइल फोटो)

रायपुर. छत्तीसगढ़ के निलंबित आईपीएस अधिकारी जीपी (गुरजिंदर पाल) सिंह को राज्य की ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो) टीम ने आज बुधवार को दिल्ली के पास गुरुग्राम से मंगलवार को हिरासत में ले लिया. जीपी सिंह आय से अधिक संपत्ति और देशद्रोह का मामला दर्ज होने के बाद सिंह लगभग छह महीने से फरार थे. आईपीएस अधिकारी जीपी सिंह को टीम आज ही बुधवार रायपुर लाएगी और यहां पर उन्हें एक अदालत में पेश किया जाएगा. वहीं एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) ने मीडिया को दिए बयान में कहा कि एडीजी जीपी सिंह जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं. एसीबी ने कहा कि निलंबित अभियुक्त एडीजी जीपी सिंह मामले की जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे और न ही ईओडब्ल्यू कार्यालय आ रहे थे.

जीपी सिंह 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी है और जुलाई 2021 में एसीबी द्वारा आय से अधिक संपत्ति के मामले में आने के बाद इन्हें निलंबित कर दिया गया था. इनके उपर कथित रूप से संवेदनशील जानकारी रखने और सरकार के खिलाफ भड़काऊ लेख रखने के लिए भ्रष्टाचार के साथ-साथ देशद्रोह का आरोप लगाया गया था. वहीं अपनी गिरफ्तारी को रोकने के लिए जीपी सिंह ने 26 नवंबर 2021 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के एक याचिका भी डाली थी जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था.

राजस्थान में भ्रष्टाचार को लेकर बड़ा खुलासा, 2021 में IAS-IPS समेत इन अफसरों पर गिरी गाज

बता दें कि एसीबी और ईओडब्ल्यू की टीम ने निलंबित आईपीएस जीपी सिंह के 15 से अधिक ठिकानों पर 6 महीने पहले जुलाई में छापेमारी की थी. इस दौरान टीम को इनके घर और अन्य ठिकानों से बेनामी संपत्ति और कुछ दस्तावेज बरामद हुए थे. जीपी सिंह पहले एसीबी के एडीजी थे और वह रायपुर के आईजी भी रह चुके हैं. 5 जुलाई 2021 को निलंबित होने से पहले वह पुलिस प्रशिक्षण अकादमी के प्रमुख भी थे.

 

अन्य खबरें