रायपुर: कृषि कानून वापसी पर भी नहीं माने किसान, 26 नवंबर को होगी ट्रैक्टर रैली

Somya Sri, Last updated: Sat, 20th Nov 2021, 1:03 PM IST
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के फैसले का ऐलान करने के बाद भी किसान अपना आंदोलन खत्म करने को तैयार नहीं हैं. उनका कहना है कि संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में जबतक तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया जाएगा तबतक आंदोलन खत्म नहीं होगा. इस बीच खबर है कि छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में किसान ट्रैक्टर रैली करने वाले हैं. ये रैली 26 नवंबर को आयोजित करने की तैयारी है. इसके लिए एक हफ्ते पहले ही रायपुर प्रशासन से इजाजत ली गयी थी.
कृषि कानून वापसी की घोषणा पर भी नहीं माने किसान, 26 नवंबर को रायपुर में ट्रैक्टर रैली (फाइल फोटो)

रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरु पूर्णिमा के दिन तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के फैसले का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा. लेकिन, किसान अपने आंदोलन को अब भी खत्म करने के मूड में नहीं हैं. इसका जिक्र शुक्रवार को खुद किसान नेता राकेश टिकैत ने कर दिया है. इस बीच खबर है कि छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में किसान ट्रैक्टर रैली करने वाले हैं. ये रैली 26 नवंबर को आयोजित करने की तैयारी है. पिछले हफ्ते ही ट्रैक्टर रैली के संबंध में किसान मजदूर महासंघ ने रायपुर प्रशासन से इजाजत मांगी थी. हालांकि तीनों कृषि कानून की वापसी की घोषणा के बाद भी किसान ट्रैक्टर रैली करना चाहते हैं. किसानों का कहना है कि जबतक संसद में इस कानून को खत्म किए जाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती तब तक वे अपना आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे.

न्यूनतम समर्थन मूल्य तय होना बाकी है

किसान नेताओं ने कहा कि, अभी सरकार ने कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग मानी है. इससे किसान नुकसान से बच गए. खेती-किसानी को बचाने के लिए सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य तय होना जरूरी है. सरकार को यह कानून बनाना होगा कि कहीं भी किसान की फसल समर्थन मूल्य से कम कीमत पर नहीं खरीदी जाएगी. उन्होंने कहा कि आंदोलन में यह प्रमुख मांग रही है.

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नहीं होगा किसानों का आंदोलन रद्द- राकेश टिकैत

गुरु पूर्णिमा पर राकेश टिकैत ने एलान किया था कि किसानों का आंदोलन तबतक रद्द नहीं होगा जबतक सरकार संसद में कानून रद्द नहीं करती. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों से एमएसपी के साथ साथ दूसरे मुद्दों पर भी बातचीत करे. राकेश टिकैत ने कहा कि 29 तारीख को संसद के शीतकालीन सत्र में जबतक कानून वापसी का प्रस्ताव पटल पर नहीं रखा जाता तबतक किसान कहीं जाने वाला नहीं है. वहीं किसान यूनियन के दूसरे नेता जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि गुरुपर्व पर कृषि कानूनों को वापस लेने का सरकार का फैसला अच्छा कदम है. सभी किसान संघ साथ बैठेंगे और आगे की रणनीति पर बात करेंगे.

पीएम मोदी ने क्या किया ऐलान

शुक्रवार की सुबह गुरु पूर्णिमा के मौके पर कृषि कानूनों को लेकर पीएम मोदी ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने तीन कृषि कानूनों के फायदे किसानों के एक वर्ग को समझाने की बहुत कोशिश की लेकिन वो नाकाम रहे. उन्होंने कहा कि इन तीनों कानूनों से छोटे किसान मजबूत होते. पीएम मोदी ने कहा कि इसके लिए संसद के आगामी सत्र में विधेयक लाकर इन तीनों कानूनों को रद्द किया जाएगा.

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