महतारी दुलारी योजना: बच्‍चों के बैंक अकाउंट में पहुंची स्कॉलरशिप, स्कूल फीस तय नहीं

ABHINAV AZAD, Last updated: Sat, 6th Nov 2021, 1:56 PM IST
  • भूपेश बघेल सरकार ने महतारी दुलारी योजना के तहत ऐसे अनाथ बच्चों के पठन-पाठन की पूरी जिम्मेदारी उठाने का फैसला लिया है, जो बच्चे कोरोना महामारी के दौरान बेसहारा हुए. इस योजना के तहत रायपुर के 709 समेत प्रदेश 2,373 बच्चों के खातों में स्कॉलरशिप भेज दी गई है.
(प्रतीकात्मक फोटो)

रायपुर. कोरोना महामारी के दौरान हजारों बच्चे अनाथ हुए. इस दौरान कई बच्चों ने अपने मां-बाप को खोया. ऐसे अनाथ बच्चों को पढ़ाने-लिखाने की जिम्मेदारी सरकार निभा रही है. ऐसे बच्चों के लिए प्रदेश भूपेश बघेल सरकार महतारी दुलारी योजना चला रही है. राज्य सरकार ने कोरोना महामारी के दौरान बेसहारा हुए बच्चों के पठन-पाठन की पूरी जिम्मेदारी उठाने का फैसला लिया है. इस योजना के तहत रायपुर के 709 समेत प्रदेश 2,373 बच्चों के खातों में स्कॉलरशिप भेज दी गई है. हालांकि बच्चों के स्कूल फीस को लेकर अभी तक सरकार की ओर से कुछ भी तय नहीं हो पाया है.

बताते चलें कि कोरोना महामारी के बाद बेसहारा हुए बच्चों के लिए अब उनका पढ़ाई खर्च निकालना मुश्किल हो गया है. ऐसे में सरकार की यह योजना बेहद कारगर साबित हो रही है. मिली जानकारी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना के तहत सरकारी और निजी स्कूलों के 2,373 विद्यार्थियों को एक करोड़ 65 लाख 95 हजार रुपये की राशि का भुगतान स्कालरशिप के रूप में कर दिया गया है. दरअसल, इस योजना के तहत इन बच्चों के स्कूल फीस का भुगतान भी किया जाना है.

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बताते चलें कि इस योजना के तहत कक्षा पहली से कक्षा आठवीं के विद्यार्थियों को प्रति माह 500 रुपये और कक्षा 9वीं से कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों को एक हजार रुपये प्रतिमाह की दर से छात्रवृत्ति दिया जाएगा. इस बीच रायपुर के जिला शिक्षा अधिकारी एएन बंजारा ने बताया कि जिले में सभी महतारी दुलारी योजना के बच्चों के खाते में स्कॉलरशिप पहुंच गई है. साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की योजना के तहत इनमें से कुछ बच्चों को स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में पढ़ाया जा रहा है.

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