छत्तीसगढ़ में नशे की लत छुड़ाने में कारगर साबित हो रहा है ‘निजात’ अभियान

ABHINAV AZAD, Last updated: Tue, 4th Jan 2022, 12:57 PM IST
छत्तीसगढ़ में 'निजात' अभियान के माध्यम से नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ ही लोगों को नशे की लत छोड़कर सामान्य जीवन जीने के लिए प्रेरित किया जा रहा है.
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में नशे के खिलाफ 'निजात' अभियान शुरू किया है.

रायपुर. (भाषा) छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ शुरू किए गया 'निजात' अभियान काफी कारगर साबित हो रहा है. दरअसल, इस अभियान के माध्यम से नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. साथ ही लोगों को नशे की लत छोड़कर सामान्य जीवन जीने के लिए प्रेरित किया जा रहा है.

राज्य के उत्तरी क्षेत्र के छोटे से जिले कोरिया के सोनहत गांव का निवासी मुकेश कुमार साहू जब स्कूल में पढ़ता था, तभी से उसे शराब और गांजे की लत लग गई थी. नशे की लत के कारण उसने अपनी पढ़ाई छोड़ दी. इस लत ने उसके वैवाहिक जीवन को प्रभावित किया और बेटे के नशा करने के कारण माता-पिता भी उससे दूर रहने लगे, लेकिन साहू को इस लत से अब निजात मिल गई है और अब वह नशीले पदार्थों के तस्करों को पकड़ने में स्थानीय पुलिस की मदद भी कर रहा है. साहू कोरिया जिले के उन सैकड़ों लोगों में से एक है, जिन्होंने नशे की लत छोड़कर स्थानीय पुलिस को सहयोग देना शुरू किया है. यह लगभग छह माह पहले शुरू हुए पुलिस के ​'निजात' अभियान से संभव हुआ है.

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कोरिया जिले के पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने बताया कि इस अभियान की शुरुआत पिछले वर्ष जुलाई माह में हुई थी. 'निजात' अभियान के तहत पुलिस नशीले पदार्थों और अवैध शराब की तस्करी को प्रभावी ढंग से रोकने में सफल रही है. साथ ही बड़ी संख्या में लोग अब नशे की लत छोड़कर सामान्य जीवन जीने के लिए प्रेरित हो रहे हैं.

सिंह ने बताया कि इस अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए जिले के सभी शहरों और दूर-दराज के गांवों में दीवारों पर चित्रकारी करके, पोस्टर और बैनर लगाकर लोगों को जागरुक किया जा रहा है.

पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस ​अभियान के लिए बॉलीवुड के कलाकारों प्रभु देवा, अरबाज खान, राजपाल यादव और कैलाश खेर ने वीडियो संदेशों के माध्यम से लोगों से नशा छोड़ने की अपील की है. वहीं छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कलाकारों अभिनेता अनुज शर्मा, लोक गायिका तीजन बाई और ममता चंद्राकर ने भी अभियान को समर्थन दिया है.

सिंह ने बताया कि जिले में निजात अभियान के शुरू होने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आम लोगों ने इसे अपने क्षेत्रों में आगे बढ़ाया है. जिले में अब तक अभियान के तहत लगभग 200 जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जहां नशा करने वाले सैकड़ों लोगों ने नशा छोड़ने का प्रण लिया.

उन्होंने बताया कि निजात अभियान के शुरू होने के बाद से अब तक स्वापक नियंत्रण एवं मन: प्रभावी अधिनियम (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत दर्ज 126 मामलों में 152 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अवैध शराब की बिक्री से संबंधित 935 मामलों में 822 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

अधिकारी ने बताया कि जिले के सोनहत गांव में अभियान के दौरान मुकेश साहू पुलिस के संपर्क में आया और उसने वहां नशे की लत छोड़ने का प्रण लिया. मुकेश ने कहा, ‘‘जब मैं 10वीं कक्षा में पढ़ता था, तब मैंने शराब पीनी शुरू कर दी थी. मैंने परीक्षा भी नहीं दी और बाद में पढ़ाई छोड़ दी. मैं बाद में गांजा भी पीने लगा और धीरे-धीरे नशे की गिरफ्त में आ गया.’’

साहू ने बताया कि वह घरेलू सामान के लिए दिए गए पैसे से शराब खरीदता था. उसके माता-पिता ने सोचा कि शादी के बाद वह नशा छोड़ सकता है, इसलिए उसकी शादी कर दी गई.

उन्होंने कहा, ‘‘मेरी शादी 2016 में हुई थी, लेकिन मैंने अपनी आदतों को जारी रखा और यहां तक ​​कि मैं शराब के नशे में अपनी पत्नी के साथ मारपीट भी करता था. मेरी पत्नी ज्यादातर समय हमारे दोनों बच्चों के साथ मायके में रहती थी. मेरे माता-पिता ने भी मुझे छोड़ दिया.’’

साहू ने बताया कि कुछ महीने पहले सोनहत पुलिस थाने के प्रभारी शिव कुमार यादव ने उससे संपर्क किया और नशे की लत छोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया और अब वह अपने पूरे परिवार के साथ खुशी से रह रहा है.

'निजात' अभियान से जुड़े 'समानता क्रांति' संगठन के सामाजिक कार्यकर्ता अमिताभ गुप्ता ने बताया कि लोग अब स्वेच्छा से इस अभियान से जुड़ रहे हैं तथा उन्होंने स्थानीय स्तर पर समितियों का गठन किया है. उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत जिले के पटना पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत छिंदिया गांव पर ध्यान केंद्रित किया गया. यह गांव नशे के कारोबार के केंद्र के रूप में कुख्यात था. माना जाता है कि छिंदिया गांव में पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश और झारखंड से नशीले पदार्थों की तस्करी की जाती है और उसे पूरे जिले में भेजा जाता है.

गुप्ता ने बताया कि पुलिस ने पिछले छह महीनों में वहां नशीले पदार्थों के तस्करों के खिलाफ सफलतापूर्वक कार्रवाई की है और उनमें से कई को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक की पहल से जिले के बैकुंठपुर शहर में 50 बिस्तरों वाला नशा मुक्ति केंद्र भी स्थापित किया गया है.

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