रायपुर जंक्शन को 600 करोड़ में निजी कंपनियों के हाथ सौंपने की तैयारी, पहुंचे कई कारोबारी

Indrajeet kumar, Last updated: Mon, 15th Nov 2021, 1:37 PM IST
  • रेलवे निजीकरण के कड़ी में रायपुर जंक्शन को भी 600 करोड़ में निजी कंपनियों के हाथ में देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. रायपुर जंक्शन को खरीदने के लिए कारोबारी लगातार रेल मंडल कार्यालय (डीआरएम ऑफिस) पहुँच रहे हैं. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इसी वित्तीय वर्ष में रायपुर जंक्शन को निजी हाथों में सौंप दिया जाएगा.
रायपुर जंक्शन को 600 करोड़ में निजी कंपनियों के हाथ सौंपने की तैयारी

रायपुर. रायपुर रेलवे स्टेशन को निजी कंपनियों के हाथों देने की तैयारी चल रही है. रेलवे ने जिन 400 स्टेशनों को निजीकरण करने की घोषणा की गई है उसमें रायपुर जंक्शन भी शामिल है. रेलवे बोर्ड की लिस्ट में रायपुर स्टेशन ए-वन श्रेणी में दर्ज है. ऐसे में छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश के कारोबारी इस ट्रेन को 600 करोड़ में खरीदने के लिए लगातार रेल मंडल कार्यालय (डीआरएम ऑफिस) पहुंच रहे हैं. यहाँ रेलवे अधिकारी कारोबारियों को बता रहे हैं कि निजीकरण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है. इसलिए अभी आवेदन ऑनलाइन ही करें. इस पर अंतिम फैसला रेलवे बोर्ड करेगा. बड़ा निजीकरण होने के कारण छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों के जिलों ओडिशा, बिहार, झारखंड, कोलकाता समेत अन्य राज्यों के बड़े उद्योगपति, कारोबारी दिलचस्पी दिखा रहे हैं. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस वित्तीय वर्ष ही रायपुर रेलवे स्टेशन को निजी कंपनी के हाथों सौंपने कि तैयारी चल रही है. 

रेलवे स्टेशनों पर एयरपोर्ट की तर्ज पर लुक और सुविधाओं के विस्तार की कोशिश चल रही हैं. लवे के निजीकरण के पहले चरण में सबसे ज्यादा 1.52 लाख करोड़ रुपये रेलवे में हिस्सेदारी बेचकर जुटाने का लक्ष्य रखा गया है. निजीकरण के बाद रेलवे डिवीजन का स्टेशन में दखल खत्म हो जाएगी. यानि अब पार्सल, पार्र्किंग, टिकट बुकिंग काउंटर, खानपान स्टाल, कैंटीन, वेटिंग हाल, मल्टी फंक्शनल कांप्लेक्स समेत अन्य सभी काम निजी कंपनियों के हाथों में चली जाएगी. आधुनिकीकरण के नाम पर रेलवे स्टेशनों को निजी कंपनियों को सौंपने के फैसले का देश भर में विरोध भी हो रहा है. यानि अब ये तय है कि इसका सीधा असर यात्रियों के जेब पर भी पड़ेगा. निजी कम्पनीयें अपने लागत और फायदे जो देख कर रेट तय करेंगी. कंपनियां  खानपान से लेकर हर सुविधा के लिए ज्यादा वसूली करेंगे. इस पर रेलवे प्रशासन का कोई दखल भी नहीं होगा.

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 ए वन कैटेगरी के रायपुर रेलवे स्टेशन से रेलवे को हर साल करीब 500 से 550 करोड़ की आमदनी होती थी. इसकी आमदनी में लगातार बढ़ोतरी होती रही. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि भारतीय रेलवे में बिलासपुर रेल जोन आमदनी के मामले में छठे नंबर पर आता है . बिलासपुर रेल जोन कभी भी घाटे में नहीं गया. रायपुर रेलवे स्टेशन के निजीकरण पर जानकारी देते हुए रायपुर रेल मंडल के वरिष्ठ प्रचार निरीक्षक शिव प्रसाद ने बताया कि रायपुर रेलवे स्टेशन के निजीकरण को लेकर छत्तीसगढ़ समेत दूसरे राज्यों के कई कारोबारी हर रोज डीआरएम ऑफिस आकर जानकारी ले रहे हैं. निजीकरण से जुड़ी सारी प्रक्रिया ऑनलाइन है.

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