CM गहलोत बोले- हर उम्र के लोगों को लगे बूस्टर डोज, छोटे बच्चों का वैक्सीनेशन जल्द हो शुरू

ABHINAV AZAD, Last updated: Sat, 8th Jan 2022, 12:18 PM IST
  • मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए छोटे बच्चों का वैक्सीनेशन भी जल्द शुरू हो. वहीं हर उम्र के लोगों को कोरोना वायरस वैक्सीन की बूस्टर डोज लगाई जाए.
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि हर उम्र के लोगों को कोरोना वायरस वैक्सीन की बूस्टर डोज लगे.

जयपुर. (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि देश में छोटे बच्चों का वैक्सीनेशन भी जल्द शुरू हो. कोरोना वायरस से बचाव के लिए यह बेहद जरूरी है. साथ ही सीएम गहलोत ने कहा कि हर उम्र के लोगों को कोरोना वायरस वैक्सीन की बूस्टर डोज लगाई जाए.

गहलोत कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा के लिए हुई एक ऑनलाइन बैठक को संबोधित कर रहे थे.

Weather Forecast: राजस्थान में बारिश का दौर जारी, IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में बच्चों की एक बड़ी आबादी है जिनका टीकाकरण आवश्यक रूप से होना चाहिए और उनके स्वास्थ्य की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों का मानना है कि एक निर्धारित समय के बाद टीके का असर कम होने लगता है तथा सभी आयु वर्ग में मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग से संबंधित सह-रुग्णता के रोगी पाए जाते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे में केन्द्र सरकार हर वर्ग के लिए बूस्टर खुराक की अनुमति दे.

गहलोत ने कहा कि राजस्थान टीकाकरण के मामले में देश में एक आदर्श राज्य है जहां अब तक 18 वर्ष से अधिक उम्र के 92 प्रतिशत से अधिक लोगों को टीके की पहली तथा करीब 78 प्रतिशत लोगों को दूसरी खुराक लगाई जा चुकी है. उन्होंने कहा कि किशोर एवं किशोरियों का टीकाकरण भी पूरी मुस्तैदी से किया जा रहा है तथा मात्र चार दिन में ही 15 से 18 वर्ष के 30 प्रतिशत से अधिक किशोर एवं किशोरियों को टीका लगाया जा चुका है.

उन्होंने निर्देश दिए कि जो लोग जागरूकता के अभाव में अब तक टीकाकरण से वंचित रह गए हैं, उनका टीकाकरण कर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जाए.

बैठक में चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा, आयुर्वेद राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग, गृह राज्य मंत्री राजेन्द्र यादव व मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने भी बात रखी.

अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) अभय कुमार ने कोविड संबंधी दिशा-निर्देशों के बारे में अवगत कराया. उन्होंने बताया कि विदेश से आने वाले यात्रियों के लिए आरटी-पीसीआर जांच अनिवार्य की गई है.

प्रमुख सचिव (चिकित्सा) वैभव गालरिया ने बताया कि राज्य में उपचाराधीन संक्रमित रोगियों की संख्या 7200 से अधिक हो गई है जिनमें से अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या केवल 302 है.

अन्य खबरें