कोरोना के बाद अब झारखंड के 12 जिलों में जापानी इंसेफलाइटिस का कहर, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

ABHINAV AZAD, Last updated: Thu, 16th Sep 2021, 9:16 AM IST
  • रांची समेत झारखंड के तकरीबन 18 जिलों में चिकेनगुनिया, 15 जिलों में डेंगू और 12 जिले ऐसे हैं जहां जापानी इंसेफलाइटिस ने अपने पैर पसार दिए हैं.
(प्रतिकात्मक फोटो)

रांची. झारखंड में कोरोना संक्रमण के नए मामलों में लगातार कमी आ रही है. लेकिन बावजूद इसके राज्य के लिए अच्छी खबर नहीं है. दरअसल, कोरोना के कहर के बाद मच्छरों का आतंक शुरू हो गया है. राजधानी रांची समेत झारखंड के तकरीबन 18 जिलों में चिकेनगुनिया, 15 जिलों में डेंगू और 12 जिले ऐसे हैं जहां जापानी इंसेफलाइटिस ने अपने पैर पसार दिए हैं. पिछले सप्ताह जमशेदपुर में डेंगू से एक महिला की मौत हो चुकी है.

झारखंड मलेरिया पदाधिकारी डॉ. एसएन झा के मुताबिक, परसूडीह निवासी महिला रक्षाबंधन में अपने भाई के यहां बनारस गई थी, लेकिन वह वहां डेंगू की चपेट में आ गई. नतीजतन, बनारस से लौटने के बाद जमशेदपुर में उसकी मौत हो गई. राज्य में डेंगू से यह पहली मौत थी. शुक्रवार को जापानी इंसेफलाइटिस से पीड़ित जमशेदपुर में घाटशिला व जादूगोड़ा निवासी दो लोगों की मौत हो गई थी. हालांकि, विभाग ने अब तक इसकी पुष्टि नहीं की है. इससे पहले गालूडीह के एक मरीज की भी मौत हो चुकी है. इन तीनों मरीज को जापानी इंसेफलाइटिस से पीडि़त बताया जा रहा था. डॉ. झा ने बताया कि मच्छरजनित रोगों से बचाव को लेकर पहले ही एडवायजरी जारी किया जा चुका है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा रोग रोधी उपाय युद्ध स्तर पर किए जा रहे हैं.

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रिम्स में अब तक जापानी इंसेफलाइटिस के तकरीबन आधा दर्जन से अधिक बच्चे एडमिट हो चुके हैं. जबकि जमशेदपुर में बुधवार को जापानी इंसेफलाइटिस के चार नए संदिग्ध मरीज मिले हैं. मरीजों में एक गोलमुरी, एक जुगसलाई, एक चाईबासा और एक सरायकेला का निवासी है. फिलहाल सभी का इलाज टाटा मुख्य अस्पताल में चल रहा है. मिली जानकारी के मुताबिक, जिला सर्विलांस विभाग ने 57 सैंपलों की जांच करवाई है. इससे अब तक जापानी इंसेफलाइटिस के 18 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है. जमशेदपुर में अब तक जापानी इंसेफलाइटिस से तीन मरीजों की मौत हो चुकी है.

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