रांची: दोबारा खुलेंगे कैंटीन तो HEC कर्मचारियों का बन्द हो सकता है भत्ता

Smart News Team, Last updated: Mon, 11th Jan 2021, 7:09 AM IST
  • रांची के एचईसी के कर्मचारियों को मिलने वाले कैंटीन बट्टा जल्द ही बन्द हो सकता है, क्योंकि जल्द ही सभी प्लांटों में दोबारा कैंटीन को शुरू किया सकता है. वहीं ये कैंटीन कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के चलते बन्द कर दिया गया था और कर्मचारियों को कैंटीन भत्ता दिया जा रहा था.
दोबारा खुलेंगे कैंटीन तो HEC कर्मचारियों का बन्द हो सकता है भत्ता

रांची. झारखंड की राजधानी रांची में एचईसी कर्मचारियों को मिलने वाला कैंटीन भत्ते को अब बन्द किया जा सकता है. इस भत्ते को देने की शुरुआत कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के बाद से बंद प्लांट में कैंटीन बन्द है. वहीं जिसके बदले में सभी कर्मचारियों को कैंटीन बट्टा दिया जाता है. इस भत्ते को अधिकारी से लेकर कर्मचारियों तक दिया जाता है. जिसमे एक बड़ी राशी खर्च हो रही है. इसे ध्यान में रखते हुए अब इस भत्ते को बंद किया जा सकता है. साथ ही सभी प्लांटों में दोबारा कैंटीन शुरू किया जा सकता है.

एचईसी के एक यूनियन ने एचईसी के सीएमडी नलिनी सिंघल को एक पत्र लिखकर प्लांटों के सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को दिए जा रहे कैंटीन भत्ते के बारे में अवगत कराया. वहीं उस पत्र में ये भी बताया गया था कि कैंटीन चलने के दौरान जो प्रतिमाह 12 लाख रुपए खर्च होते थे वह अब इस भत्ते दिए जाने के कारण राशि बढ़कर दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है. इस भत्ते के कारण अब प्रतिमाह 27 लाख रुपए खर्च हो रहे है.

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यूनियन नेता के इस पत्र के प्राप्त होने के पश्चात सीएमडी ने इसकी जानकारी प्रबंधन से मांगी है. साथी यह भी जानकारी पूछी गई है कि इस भत्ते का भुगतान किसकी अनुमति से किया जा रहा है और जब कैंटीन चलता था तो प्रतिमाह 12 लाख खर्च होते थे, लेकिन अब 27 लाख कैसे खर्च हो रहे है.वहीं जानकारी के अनुसार इस भत्ते को यूनियनों की मांग के बाद देने का निर्णय लिया गया था. जिसके तहत कैंटीन भत्ते का लाभ 650 स्थाई कारीगर और 1800 मजदूरों के अलावा अन्य अधिकारियों को भी दिया जाता है.

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