शिशुओं की बेहतर देखभाल तो तंदुरुस्ती रहेगी हर हाल

Smart News Team, Last updated: Tue, 19th Jan 2021, 5:32 PM IST
लगातार नीचे गिर रहे तापमान के कारण सर्दी अपने चरम पर है. ऐसे में शिशुओं को मौसम जनित बीमारी से ग्रस्त होने की पूरी संभावना रहती है. अच्छी होगी देखभाल तो तंदुरुस्ती रहेगी हर हाल इस फार्मूला को धाताएं हमेशा अपने जेहन में रखें.
शिशुओं की बेहतर देखभाल

रांची: ठंड के मौसम में बच्चों को अधिक देखभाल की आवश्यकता होती है. शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नरेश पंडित बताते हैं कि ठंड का मौसम नवजात शिशुओं के लिए बेहद संवेदनशील माना जाता है. इस मौसम में नवजात शिशुओं को सर्दी जुकाम निमोनिया डायरिया व गंभीर शोषण की समस्या हो सकती हैं. इससे बचने के लिए नवजात शिशु की बेहतर देखभाल की आवश्यकता होती है. सावधानी बरतकर इस मौसम में होने वाली बीमारियों से उन्हें बचाया जा सकता है. 

डॉक्टर नरेश पंडित ने बताया कि बच्चों को हमेशा साफ-सुथरा रखें. उन्हें बारी भोजन ना कराएं. जब बच्चा 6 माह का या उससे ऊपर का हो जाए तो उसे घर के बनाए हुए हल्के आहार दे. डॉ नरेश पंडित ने बताया कि नवजात शिशुओं की प्रतिरोधक क्षमता काफी कम रहती है. इस कारण शिशुओं के ठंड से संक्रमित होने की संभावना बनी रहती है. 

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उन्होंने बताया कि स्तनपान से शिशुओं के रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है. यदि बच्चे को जन्म के पहले घंटे के अंदर मां का पहला पीला गाढ़ा दूध पिलाया जाए तो ऐसे बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती है. यह सर्दी के मौसम में शिशु को होने वाले निमोनिया जैसे रोगों से बचाव और शिशु को बेहतर पोषण प्रदान करता है. अधिक मल करने पर शिशु को जिंक व ओआरएस के घोल का सेवन कराएं. उन्होंने धाताओं से अनुरोध किया कि शिशुओं को स्तनपान कराने से पहले अपने हाथों को सैनिटाइज करके सुखा लें गीले हाथों से बच्चों को स्पर्श ना करे ताकि उन्हें सर्दी ना लगे हमेशा उन्हीं कपड़े से ढके रहें ताकि वह गर्माहट का अनुभव करें.

 

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