रघुवर दास ने CM सोरेन पर लगाया बड़ा आरोप, कहा- अपने नाम से ली पत्थर खदान लीज

Ruchi Sharma, Last updated: Fri, 11th Feb 2022, 9:24 AM IST
  • झारखंड के पूर्व सीएम रघुवर दास ने आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं. मुख्यमंत्री रहते हुए अपने नाम पर पत्थर खदान की स्वीकृति ली.
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

रांची. बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके भाई पर बड़ा गंभीर आरोप लगाया है. जिससे झारखंड की राजनीति में हड़कंप मच गया है. मामले को लेकर रघुवर दास ने दोनों की विधायकी को रद्द करने की मांग की है. रघुवर ने आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं. मुख्यमंत्री रहते हुए अपने नाम पर पत्थर खदान की स्वीकृति ली.

यह बात रघुवर दास ने मीडिया से बातचीत करते हुए कही. उन्होंने मीडिया का सामने कई दस्तावेज पेश किये. रघुवर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने रांची जिला के अनगड़ा मौजा, थाना नंबर - 26, खाता नंबर 187, प्लाट नंबर 482 में अपने नाम से खनन पट्टा की स्वीकृति ली है. उन्होंने आगे कहा कि उपरोक्त खनन पट्टा की स्वीकृति के लिए हेमंत सोरेन 2008 से ही प्रयासत थे. मुख्यमंत्री बनने के बाद दिनांक 16 जून 2021 को पत्थर खनन की स्वीकृति के लिए सैद्धांतिक सहमति के आशय का पत्र विभाग ने जारी कर दिया. जिला खनन कार्यालय द्वारा 10-जुलाई -2021 को खनन योजना की स्वीकृति दी गई. उसके बाद हेमंत सोरेन ने नौ सितंबर 2021 को सिया (स्टेट लेबल इंवायरमेंट इंपेक्ट असेसमेंट ऑथोरिटी) को आवेदन भेजा. सिया द्वारा 15-18 सितंबर के बीच पर्यावरण स्वीकृति की अनुशंसा की गई.

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रहुवर दास ने कहा- खनन कंपनी ग्रैंड माइनिंग में पार्टनर है सीएम

रघुवर दास ने इससे संबंधित दस्तावेज भी मीडिया को सौंपा. उन्होंने कहा कि पूरे मामले में भाजपा का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही राज्यपाल से मिलेगा. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बसंत सोरेन भी खनन कंपनी ग्रैंड माइनिंग में पार्टनर है. उस कंपनी पर सरकार के आठ करोड़ बकाया है.

सदस्यता रद्द करने की मांग

रघुवर दास ने मीडिया के सामने मांग करते हुए कहा कि दोनों की विधानसभा सदस्यता खत्म होनी चाहिए. रघुवर दास ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा यह कार्य गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी मंत्रियों के लिए आचार संहिता का उल्लंघन है. साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(डी) के तहत आपराधिक कृत्य है.

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'कोड ऑफ कंडक्ट के भी दोषी'

पूर्व सीएम का कहना है कि हेमंत सोरेन भारत सरकार के द्वारा जारी कोड ऑफ कंडक्ट के भी दोषी हैं. कोड ऑफ कंडक्ट के अनुसार कोई भी मंत्री, मुख्यमंत्री किसी तरह का व्यापार नहीं कर सकता है. फिर भी हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री के पद पर रहते हुए सरकार चलाते हुए अपने नाम से व्यापार कर रहे हैं. सीएम सोरेन द्वारा जनता के विश्वास एवं प्रजातांत्रिक व्यवस्था का घोर उल्लंघन किया जा रहा है.

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