झारखंड शीतकालीन सत्र के दौरान BJP व आजसू विधायकों का सदन के बाहर धरना

Ankul Kaushik, Last updated: Mon, 20th Dec 2021, 2:14 PM IST
  • झारखंड शीतकालीन सत्र के दौरान बीजेपी और आजसू विधायकों सदन के बाहर धरने पर बैठ गए. धरने पर बैठे विधाकों ने ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण व जेपीएससी पीटी रद्द करने की मांग की है. इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का जेपीएससी पर दिए गए बयान का विरोध किया.
BJP व आजसू विधायकों का झारखंड विधानसभा के बाहर धरना

लखनऊ. झारखंड शीतकालीन सत्र के दौरान विधानसभा में विपक्षी दल बीजेपी व आजसू ने जमकर हंगामा किय. इस दौरान ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण व जेपीएससी पीटी रद्द करने की मांग को लेकर बीजेपी और आजसू विधायकों सदन के बाहर धरने पर बैठ गए. इसके साथ ही विपक्षी दल बीजेपी व आजसू ने जेपीएससी बिजली और बोरोजगारी के मुद्दे को लेकर भी सवाल किए. सदन में हंगामा कर रहे विधायकों ने जेपीएससी पीटी की सीबीआई जांच की मांग की है और वे अध्यक्ष को बर्खास्त करने की मांग कर रहे हैं. इसके साथ ही विधायकों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और मंत्री मिथिलेश ठाकुर के बयान का भी विरोध किया. सीएम ने कहा था कि जेपीएससी का विरोध करने वाले लोग सभी लोग राज्य से बाहर के हैं और इसके साथ ही मिथिलेश ठाकुर ने कहा था कि विरोध करने वाले सभी लोग भाड़े से बुलाये गये हैं.

सदन के बाहर आजसू विधायक लंबोदर महतो ने ओबीसी के 27 प्रतिशत आरक्षण को लागू करने की मांग को लेकर धरने पर बैठते हुए सोरेन सरकार का विरोध किया, विधायक लंबोदर ने कहा कि आजसू पार्टी अनुसूचित जनजाति के आरक्षण के विरोधी नहीं है, लेकिन हेमंत सरकार ने अपने चुनावी वादों में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का जो वादा किया था, वो दो साल बाद भी पूरा होता नहीं दिख रहा है.

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बीजेपी विधायकों ने सदन की कार्यवाही शुरू होते ही मुख्यमंत्री विरोधी नारे लगाए. इसके साथ ही वेल में आकर बीजेपी विधायको ने विरोध जताया. इस दौरान हेमंत सोरेन हाय हाय के नारे लगे व जेपीएससी परीक्षा की सीबीआई जांच कराने की मांग की. इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सदन में मौजूद थे. सीएम सोरेन ने कहा कि विपक्ष के सहयोगी अनेक विषय पर आवाज उठा रहे हैं. विपक्ष सरकार को डिक्टेट नहीं कर सकती है, कब क्या आएगा क्या नहीं आएगा यह सत्ता पक्ष पर निर्भर करता है. जेपीएससी मामले को सरकार कुरेदना नहीं चाहती है और पिछली सरकार में हमने जेपीएससी का मामला उठाया था उसके अध्यक्ष से लेकर कई जेल में है. पहली बार इतने बड़े पैमाने पर अभ्यर्थी सीपीसी परीक्षा में शामिल हुए जेपीएससी में रिजर्व कैटेगरी के अभ्यर्थी सामान्य कैटेगरी में जगह बनाए हैं.

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