BJP सांसद निशिकांत दुबे का आरोप- TMC MP महुआ मोइत्रा ने 3 बार बिहारी गुंडा गाली दी

Smart News Team, Last updated: Wed, 28th Jul 2021, 8:35 PM IST
  • पेगासस जासूसी कांड पर गृह मंत्रालय और आईटी मंत्रालय के अधिकारियों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी करने वाली शशि थरूर की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति की बैठक में बीजेपी एमपी निशिकांत दुबे ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर उन्हें तीन बार बिहारी गुंडा गाली देने का आरोप लगाया है.
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने तृणमूल एमपी महुआ मोइत्रा पर बिहारी गुंडा गाली देने का आरोप लगाया तो मोइत्रा ने कहा कि दुबे मीटिंग में थे ही नहीं तो गाली देने का सवाल पैदा नहीं होता.

रांची. झारखंड के गोड्डा से तीसरी बार सांसद बने भाजपा नेता निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया है कि संसद की आईटी समिति की मीटिंग में ममता बनर्जी की टीएमसी की सांसद महुआ मोइत्रा ने उन्हें तीन बार बिहारी गुंडा कहकर अपमानित किया. निशिकांत दुबे ने ट्वीटर पर ट्वीट करके कहा है कि उन्हें बिहारी गुंडा कहकर तृणमूल सांसद ने पूरे बिहार और हिंदी भाषी लोगों का अपमान किया है जो उत्तर भारतीय लोगों को लेकर टीएमसी की नफरत को सामने लाता है. 

संसद में आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स की स्थायी संसदीय समिति के चेयरमैन कांग्रेस सांसद शशि थरूर हैं जिन पर दुबे ने संसदीय परंपरा को खत्म करने की सुपारी लेने का आरोप भी लगाया है. निशिकांत दुबे ने कहा है कि उन्होंने 13 साल के संसदीय इतिहास में पहली बार गाली सुना है.

निशिकांत दुबे के आरोप पर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने दावा किया है कि जब आरोप लगाने वाले सांसद कमिटी की मीटिंग में आए ही नहीं थे तो गाली देने का सवाल ही नहीं पैदा होता. महुआ ने कहा है कि कमिटी मीटिंग की उपस्थिति में निशिकांत दुबे का नाम नहीं है. 

सूत्रों का कहना है कि निशिकांत दुबे मीटिंग में गए थे लेकिन कमिटी के चेयरमैन शशि थरूर पर मनमाने तरीके से कमिटी को चलाने के विरोध में अटेंडेंस पर हस्ताक्षर नहीं किया. दुबे ने मीडिया से कहा है कि जिस विषय पर थरूर कमिटी में चर्चा करना चाहते हैं उस पर सरकार संसद में ही चर्चा और बहस के लिए तैयार है लेकिन वहां तो विपक्ष सदन चलने नहीं दे रहा है. 

असल में सारा झगड़ा शुरू हुआ है कांग्रेस सांसद शशि थरूर की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति में पेगासस जासूसी कांड पर गृह मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी विभाग के अधिकारियों को जारी नोटिस पर. बुधवार को इस कमिटी की मीटिंग थी जिसमें दोनों विभागों के अधिकारियों को पेगासस जासूसी कांड पर बुलाया गया था. 

महुआ मोइत्रा ने ट्वीट करके कहा है कि इस कमिटी की मीटिंग नहीं हुई क्योंकि कोरम पूरा नहीं हुआ क्योंकि सदस्य नहीं आए. वहीं थरूर के खिलाफ निशिकांत दुबे ने लोकसभा में विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है. 

निशिकांत दुबे ने कहा है कि कमिटी के 30 में 17 सदस्यों का भरोसा थरूर खो चुके हैं इसलिए उनको हटाया जाए. संसदीय नियमों में स्थायी समितियों के चेयरमैन को हटाने का नियम नहीं है इसलिए दुबे ने इसे लोकसभा स्पीकर और डिप्टी स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के नियम के तहत हटाने की मांग की है.

मोइत्रा ने थरूर के खिलाफ दुबे के नोटिस पर कहा है कि उन्होंने आईटी मंत्री अश्निनी वैष्णव के खिलाफ 23 जुलाई को ही नोटिस दे रखा है उस पर सुनवाई नहीं हुई लेकिन दुबे को सुना जा रहा है. मोइत्रा ने कहा कि गृह मंत्रालय के अधिकारियों से पूछताछ के लिए कमिटी के नोटिस से बीजेपी सांसद बौखला गए हैं और थरूर के खिलाफ नोटिस इस पूछताछ को रोकने की कोशिश भर है.

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