देवघर: 148 दिन बाद भक्तों के लिए खुले बाबा बैद्यनाथ मंदिर के द्वार, दर्शन के लिए बनवाना होगा ई-पास

Prince Sonker, Last updated: Sat, 18th Sep 2021, 9:10 PM IST
  • 148 दिनों के बाद बाबा बैद्यनाथ मंदिर के पट श्रद्धलुओं के लिए खोल दिए गए हैं. श्रद्धालु सुबह 6 बजे से 4 बजे तक बाबा भोलेनाथ के दर्शन कर सकेंगे. दर्शन करने के लिए सबसे पहले श्रद्धलुओं को ई-पास बनवाना होगा. अभी 18 साल से कम उम्र के किसी भी भक्त को मंदिर में प्रवेश की मनाही है.
आज से बाबा बैधनाथ मंदिर का द्वार शनिवार को श्रद्धलुओं के लिए खोल दिया गया हैं. (फाइल फोटो)

रांची. झारखंड के देवघर में स्थित बाबा बैधनाथ मंदिर का द्वार शनिवार को श्रद्धलुओं के लिए खोल दिया गया. लेकिन दर्शन के लिए ई-पास को अनिवार्य किया गया है. करीब डेढ़ सौ दिनों बाद मंदिर खुलने पर भोलेनाथ के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी. मंदिर के पट भक्तों के लिए सुबह 6 बजे से शाम चार बजे तक खुलेंगे. कोरोना महामारी के मद्देनजर प्रति धंटे 100 श्रद्धालुओं को मंदिर में दर्शन की अनुमति होगी. कोरोना गाइडलाइन के चलते अभी हर दिन एक हजार श्रद्धालु ही मंदिर में पूजा-अर्चना कर सकेंगे. मंदिर परिसर में प्रवेश करने के लिए श्रद्धालुओं को एनआईसी की वेबसाइट के माध्यम से ई-पास बनवाना होगा.

आपदा प्रबंधन विभाग के राज्य में सभी धार्मिक स्थलों को खोलने के एलान के बाद आज से बैधनाथ मंदिर के पट खुल गए. कोरोना की संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर 18 साल से कम उम्र के श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश की इजाजत नहीं दी गई है. मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को पहले ई-पास बनवाना होगा तभी वह बाबा शिव के दर्शन कर पाएंगे. ई-पास बनवाने के लिए श्रद्धालुओं को jharkhanddarshan.nic.in पर रजिस्ट्रेशन करवाना होगा. श्रद्धालुओं को वेबसाइट पर अपने ब्यौरे के साथ कोविड टीके की पहली डोज का प्रमाण पत्र अपलोड करना होगा.

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कोरोना महामारी के चलते मंदिर के बंद होने से आसपास के दुकानदारों के परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे थे. मंदिर के खुलने से स्थानीय दुकानदार भी खुश नजर आ रहे हैं. कोरोना गाइडलाइंस का पालन कराने के लिए मंदिर और आसपास के इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. इसके लिए मंदिर के अंदर और बाहर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है. देवघर के उपयुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने मंदिर के पंडा समाज और पुरोहितों से परिसर में विधि व्यवस्था और अन्य सुविधाओं को बहाल रखने में सहयोग की अपील की है.

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