निर्वाचन आयोग ने इन प्रत्याशियों के चुनाव लड़ने पर लगाई रोक, 3 साल तक प्रतिबंध

Smart News Team, Last updated: Fri, 13th Aug 2021, 6:48 PM IST
  • झारखंड में साल 2019 में विधानसभा चुनाव लड़ने वाले 5 प्रत्याशियों पर निर्वाचन आयोग ने कार्रवाई की है. निर्वाचन आयोग ने इन प्रत्याशियों पर चुनावी खर्च की जानकारी नहीं देने के कारण कार्रवाई की है और इस कारण अगले तीन साल तक इनके चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी है.
निर्वाचन आयोग ने चुना के खर्च का हिसाब न देने वाले प्रत्याशियों के चुनाव लड़ने पर लगाई रोक (प्रतीकात्मक फोटो)

रांची. झारखंड में साल 2019 में विधानसभा चुनाव लड़ने वाले 5 प्रत्याशियों पर निर्वाचन आयोग ने कार्रवाई की है. इसके साथ ही निर्वाचन आयोग ने इन प्रत्याशियों के अगले तीन साल तक चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी है. इन उम्मीदवारों पर चुनाव आयोग का डंडा इसलिए चला है कि इन्होंने चुनाव में हुए खर्च का हिसाब नहीं दिया था. अब निर्वाचन आयोग ने चुनाव में खर्च ने देने वाले प्रत्याशियों के लिए एक अधिसूचना जारी कर दी है और उनकी अहर्ता समाप्त करने की प्रक्रिया भी चल रही है. केंद्रीय निर्वाचन आयोग के आदेश पर झारखंड में यह अधिसूचनाएं जारी हुई हैं.

झारखंड विधानसभा 2019 के चुनाव में पांच प्रत्याशियों ने अपने चुनाव का खर्चे का हिसाब नहीं दिया था. इसके लिए निर्वाचन आयोग ने एक लिस्ट जारी की है, इस लिस्ट में मांडू विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी सुंदर लाल मरांडी, झामुमो (उलगुलान) के प्रत्याशी बबीता देवी और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के साजदा खातून, भवनाथपुर क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी रामलाल दिनकर, भानु राम का नाम शामिल है. अब आयोग के निर्देशानुसार ये प्रत्याशी अब तीन साल तक चुनाव नहीं लड़ सकेंगे.

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बता दें निर्वाचन आयोग ने इन उम्मीदवारों को पहले नोटिस भी भेजा गया लेकिन इनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया था. इतना ही नहीं इन उम्मीदवारों ने विधानसभा चुनाव में खर्च का ब्योरा निर्वाचन आयोग को नहीं सौंपा था. इसके बाद में निर्वाचन आयोग ने कार्रवाई की है और अब ये उम्मीदवार तीन साल तक संसद या विधानमंडल के किसी भी सदन के लिए चुनाव नहीं लड़ पाएंगे.

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