CM हेमंत सोरेन के आवास व विधानसभा को घेरने पर बीजेपी सांसद, मेयर और आजसू सुप्रीमो के खिलाफ FIR दर्ज

Ankul Kaushik, Last updated: Fri, 10th Sep 2021, 11:51 AM IST
  • भाजपा और आजसू के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने विधानसभा भवन में नमाज कक्ष आवंटित करने पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास व विधानसभा का घेराव किया था. इस मामले में बीजेपी सांसद, मेयर और आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो के खिलाफ केस दर्ज हो गया है.
बीजेपी सांसद, मेयर और आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो के खिलाफ केस दर्ज, (फाइल फोटो)

रांची. झारखंड में इस समय विपक्षी दल भाजपा और आजसू मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन कर रहे हैं. ये प्रदर्शन झारखंड विधानसभा भवन में नमाज कक्ष आवंटित करने को लेकर हो रहा है. इसे लेकर ही भाजपा और आजसू के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने विधानसभा और सीएम आवास का घेराव करते हुए जमकर प्रदर्शन किया था. वहीं प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने लाठी चार्ज करते हुए खदेड़ा था. अब सीएम हेमंत सोरेन के आवास व विधानसभा के घेराव करने पर बीजेपी सांसद, मेयर और आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है. दोनों दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ अलग-अलग थानों में केस दर्ज किया गया है जिसमें बीजेपी के नेताओ और कार्यकर्ताओ के खिलाफ धुर्वा थाने में केस दर्ज है और आजसू कार्यकर्ताओं के खिलाफ लालपुर थाने में केस दर्ज किया गया है.

विधानसभा घेराव को लेकर धुर्वा थाने में जिन बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज हुआ है उनमें रांची के सांसद संजय सेठ, मेयर आशा लकड़ा, अमरदीप यादव, प्रतुल नाथ शाहदेव, सुजान मुंडा, कमलेश राम, किसलय तिवारी, केके गुप्ता, अशोक यादव, शोभा यादव, अस्मिता सिंह सेढ़ी, प्रदीप साहू, संजय जायसवाल सहित 28 नामजद के खिलाफ केस दर्ज है. इसके साथ ही मुख्यमंत्री आवास घेरने को लेकर लालपुर थाने में आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ,आजसू विधायक लंबोदर महतो, सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी, रामचंद्र सहिस, देवशरण भगत, शिवपूजन कुशवाहा और 1500 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.

नमाज रूम को लेकर झारखंड विधानसभा में हंगामा, स्पीकर ने गठित की सर्वदलीय कमिटी, ये होंगे मेंबर

बता दें कि काफी दिनों से झारखंड में एनडीए के दल बीजेपी और आजसू झारखंड सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन कर रहे हैं. झारखंड विधानसभा का घेराव करने के लिए बीजेपी के सैकड़ों समर्थकों ने सड़क पर उतरकर सरकार की नीतियों के खिलाफ हल्ला बोला था. वहीं इन कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस को पहले तो वाटर कैनन के सहारा लेना पड़ा फिर इसके बाद पुलिस ने लाठी चार्ज किया.

अन्य खबरें