झारखंड के पूर्व राष्ट्रिय फुटबॉलर और कोच तरुण बोस का निधन

Smart News Team, Last updated: 08/04/2021 12:25 PM IST
  • पूर्व राष्ट्रीय दिग्गज फुटबॉलर और एक बेहतरीन कोच रह चुके तरुण बोस का अचानक दिल की धड़कन रुक जाने के कारण उनका निधन हो गया.
झारखंड के पूर्व राष्ट्रिय फुटबॉलर और कोच तरुण बोस का निधन

रांची। झारखंड के पूर्व राष्ट्रीय दिग्गज फुटबॉलर और एक बेहतरीन कोच रह चुके तरुण बोस का निधन हो गया. उनका निधन गुरुवार की तड़के सुबह 5 बजे हुआ. तरुण बोस 66 वर्ष के थे. अचानक दिल की धड़कन रुक जाने के कारण उनका निधन हुआ.

तरुण बोस अपने परिवार के साथ एचईसी में रहते थे. वह 2015 में एचईसी यानी हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन से सेवानिवृत हुए थे. अभी वह बिहार के लिए फुटबॉल खेल रहे थे. तरुण बोस भारतीय टीम के कैंप में भी रह चुके थे. तरुण बोस देश के दिग्गज फुटबॉल खिलाड़ियों में से एक थे. वह एक बेहतरीन कोच भी थे. उन्होंने देश के लिए खेलने वाले राष्ट्रीय स्तर के कई खिलाड़ी तैयार किए.

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भारत के पूर्व गोलकीपर तरुण बोस का नाम भी शामिल हैं, जिन्हें अभी भी देश के सर्वश्रेष्ठ उत्पादन में से एक माना जाता है. फुटबॉल भारत का लोकप्रिय खेल नहीं है, विशेषकर भारतीय फुटबॉल लेकिन अभी भी कई फुटबॉल खिलाड़ी जैसे पीके बनर्जी, चुन्नी गोस्वामी, डेरिक पेर्रेरा, सुब्रत भट्टाचार्य उनके प्रमुख के दौरान घरेलू नाम रहे हैं. बोस भी उनमें से एक थे, लेकिन उन्हें प्रचार नहीं मिला, शायद राजनेताओं के साथ कंधे से कंधा मिलाने और उनके साथ थोड़ा सा भी तालमेल रखने के लिए उनके पास 'कौशल' नहीं था.

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तरुण बोस को राष्ट्र से कभी भी वो इज्जत नहीं मिल पाई जो एक खिलाड़ी और कोच को मिलनी चाहिए. अपने एक इंटरव्यू बोस ने कहा था कि उदाहरण के लिए, भारत के पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आज़ाद, भारत के पूर्व हॉकी कप्तान असलम शेर खान, पूर्व भारतीय फुटबॉल कप्तान प्रसून बनर्जी का नाम कुछ और है लेकिन कुछ मुट्ठी भर लोग हैं, जिन्होंने इनमें से कुछ दिग्गजों के साथ बराबरी हासिल की है, लेकिन उन्हें कभी भी वह पहचान नहीं मिल पाई, जो उन्हें मिलनी चाहिए.

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