रांची: भू- माफियाओं ने बेची 1700 एकड़ सरकारी जमीन, हाईकोर्ट में याचिका दायर

Smart News Team, Last updated: 13/12/2020 09:26 PM IST
रांची में भू-माफियाओं ने बुंडू सूर्यमंदिर के पास 1700 एकड़ सरकारी जमीन बेच दिया. जब म्यूटेशन के लिए फाइल की गई और पिटीशन की जांच हुई तब मामले का खुलासा हुआ. जांच में यह जमीन गैरमजरूआ निकली. अब हाईकोर्ट में इसके लिए याचिका भी दायर की गई.
रांची में माफियाओं द्वारा 1700 एकड़ सरकारी जमीन बेच दी गई.

रांची. राजधानी में भू माफियाओं के द्वारा सरकारी जमीन को बेचने का मामला सामने आया है. जुमार नदी की जमीन के बाद बुंडू सूर्यमंदिर के पास 1700 एकड़ सरकारी जमीन को अवैध रूप से बेचा गया है. इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की गई है.

आपको बता दें कि बुंडू के दशम फॉल सूर्य मंदिर के पास 1700 एकड़ जमीन सरकारी रिकॉर्ड में गैरमजरूआ जमीन के रूप में दर्ज है. लेकिन स्थानीय रैयतों ने साल 1894 में नीलामी के माध्यम से सरकार से जमीन खरीदने का दावा करते हुए इस जमीन को दो बिल्डर को फरवरी 2019 में बेच दिया. रांची सबरजिस्ट्रार कार्यालय में 1700 एकड़ जमीन दो डीड में बेची गई है.

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मामले का खुलासा तब हुआ जब म्यूटेशन के लिए फाइल की गई पिटीशन की जांच हुई. जांच में यह जमीन गैरमजरूआ निकली. गौरतलब है कि 1700 एकड़ जमीन को बेचने वाले जमीन मालिक विश्वेश्वर मांझी और 18 लोगों को अब तक भी यह पता नहीं है कि उन्होंने ये जमीन किसको बेची है.

रैयतों का कहना है कि जमशेदपुर के रहने वाले अरविंद सिंह ने जमीन बेचवाने में लाइजनिंग का काम किया. इसके बाद रांची के शाकम्भरी बिल्डर्स के प्रोपराइटर चंद्रेश बजाज और कोसी इंफ्रास्ट्रक्चर के राहुल कुमार के नाम से 1700 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री हो गई. रजिस्ट्रार को इसके बारे में पता ही नहीं चला.

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इस मामले में झारखंड हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका भी दायर को गई है. कोर्ट में जुमार नदी की जमीन की तरह इस मामले की भी एसीबी जांच की मांग की गई है.

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