सालाना 100 करोड से अधिक टर्नओवर वाली कंपनियों के लिए ई-इनवॉइस की बाध्यता

Smart News Team, Last updated: Sun, 3rd Jan 2021, 5:34 PM IST
  • गत 1 जनवरी 2021 से गुड्स एंड सर्विस टैक्स यानी जीएसटी के नियमों में फेरबदल किया गया है. नए नियम के तहत अब सालाना 100 करोड से अधिक की धनराशि के टर्नओवर पर कंपनियों पर इ-इनवॉइस अनिवार्य किया गया है. जीएसटी के नियम में फेरबदल कर सरकार का मानना है कि इससे बड़ी कंपनियों द्वारा कर की चोरी पर अंकुश लगेगा.
1 जनवरी 2021 से गुड्स एंड सर्विस टैक्स यानी जीएसटी के नियमों में फेरबदल किया गया है

रांची :जीएसटी के नए नियम के तहत 100 करोड़ रुपए सालाना टर्नओवर या इससे बड़ी कंपनियां को हर बिक्री के लिए एक यूनिट इन वॉइस रेफरेंस पोर्टल पर जाकर इ-इनवॉइस निकालना होगा. इसमें एक इनवाइस रेफरेंस नंबर जनरेट होगा. इसी इनवॉइस नंबर के आधार पर ही कंपनियां बिजनेस टू बिजनेस ट्रांजैक्शन कर सकेंगी. बिना इनवॉइस नंबर के कंपनियां व्यापारिक लेन-देन की धनराशि का ट्रांजैक्शन नहीं कर सकेंगे. आगामी 1 अप्रैल से लागू होने वाले इस नियम की केंद्र सरकार की ओर से नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है.

इस संबंध में सीए अंकित माहेश्वरी ने बताया कि कैन सरकार की ओर से फिलहाल 100 करोड़ रुपए से अधिक सालाना टर्न ओवर करने वाले कारोबारियों और कंपनियों पर इ-इनवॉइस वार किया गया है. जबकि केंद्र सरकार ने आगामी एक अप्रैल 2021 से सभी करदाताओं के लिए बिजनेस टू बिजनेस लेनदेन पर भी इ-इनवॉइस जरूरी करने का निर्णय ले लिया है. उन्होंने बताया कि ऐसे में अब कंपनियों को नए रेगुलेशन के हिसाब से अपने बिलिंग सॉफ्टवेयर को अपग्रेड करना होगा.

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सीए अंकित माहेश्वरी ने बताया कि सरकार की इस मंशा के पीछे जीएसटी के नियमों का पूरी तरह पालन कराना तो है ही साथ ही सरकार को जीएसटी से होने वाली आमदनी में भी वृद्धि होगी.

 

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