झारखंड: दिवाली पर सोरेन सरकार ने प्राइमरी शिक्षकों को दिया गिफ्ट, जल्‍द मिलेगा प्रमोशन

Uttam Kumar, Last updated: Thu, 4th Nov 2021, 1:04 PM IST
  • स्कूली शिक्षा और साक्षरता सचिव राजेश कुमार शर्मा की अध्यक्षता में शिक्षक संगठनों के बैठक में झारखंड प्रारंभिक स्कूलों के शिक्षकों का रुके हुए प्रमोशन, सस्पेंड शिक्षकों की फिर से सेवा में बहाल किया जाने जैसे कई महत्वपूर्ण फैसले किए गए. वहीं बच्चों को छठ बाद पोशाक राशि देने पर भी सहमति बनी. 
प्रतिकात्मक फोटो.

रांची. झारखंड प्रारंभिक स्कूलों(Jharkhand primary school) के शिक्षकों और बच्चों दोनों को दीवाली काफी खास बन गई. दीवाली से एक दिन पहले शिक्षकों को कई वर्षों रुके हुए प्रमोशन, सस्पेंड शिक्षकों की फिर से सेवा में बहाल किया जाने जैसे फैसले किए गए. तो वहीं बच्चों को छठ बाद पोशाक राशि दी जाएगी. स्कूली शिक्षा और साक्षरता सचिव राजेश कुमार शर्मा की अध्यक्षता में शिक्षक संगठनों के साथ हुई बुधवार को बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसला किया गया. झारखंड प्रारंभिक स्कूलों के शिक्षकों के लिए जल्द ही सेवा शर्त नियमावली बनाई जाएगी. वहीं जिन शिक्षकों की सेवा संपुष्ट नहीं हो सकी है, उसे पूरा किया जाएगा. 

स्कूली शिक्षा और साक्षरता सचिव राजेश कुमार शर्मा की अध्यक्षता में शिक्षक संगठनों के साथ हुई बैठक में कई वर्षों से रुके हुए प्रारंभिक स्कूलों के शिक्षकों के प्रमोशन पर भी चर्चा की गई. जल्द ही इसे पूरा किया जाएगा. साथ ही किसी कारणवश वर्षों से निलंबन झेल रहे कई शिक्षकों को निलंबन खत्म कर वापस सेवा में बुलाने का फैसला किया गया. शिक्षा विभाग की तरफ से उर्दू शिक्षकों को योजना से गैर योजना में बदलाव का भरोसा दिया गया. साथ ही,विभागीय सीमित प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल होने के लिए शिक्षक संघों से चर्चा करने के बाद विभाग की ओर से कार्मिक विभाग को इससे संबंधित प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया. 

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बुधवार को हुई बैठक में बैठक में सभी स्कूल के खर्चे के लिए मिलने वाले ग्रांट के साथ - साथ छात्रों को पोशाक की राशि छठ के बाद जारी करने पर सहमति बनी. इस बैठक में कॉमर्स योग्यता धारी (commerce stream) शिक्षकों को भी वरीयता सूची में स्थान देने के साथ-साथ गोड्डा, साहिबगंज, गढ़वा में जिला शिक्षा अधीक्षक के खाली पदों पर ऐसे शिक्षकों को चार्ज देने का निर्णय किया गया. इस बैठक में शामिल लोगों का कहना था कि आज भी शिक्षकों के साथ भेदभाव किया जा रहा है. शिक्षकों को छठे वेतन आयोग के अनुरूप उत्क्रमित वेतनमान का लाभ नहीं दिया जा रहा है. 

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