विधायकों के आवंटित आवास का ब्योरा नहीं देने पर HC ने सरकार से जताई नाराजगी

Smart News Team, Last updated: Wed, 11th Nov 2020, 5:49 PM IST
झारखंड हाईकोर्ट ने सभी विधायकों को आवंटित आवास और आवास आवंटन करने का आधार की पूरी जानकारी नहीं दिए जाने पर नाराजगी जाहिर की है. बुधवार को विधायक नवीन जायसवाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने सरकार को 25 नवंबर तक पूरा ब्योरा देने का निर्देश दिया है.
मामले की अगली सुनवाई 25 नवंबर को होगी

रांची- झारखंड हाईकोर्ट ने सभी विधायकों को आवंटित आवास और आवास आवंटन करने का आधार की पूरी जानकारी नहीं दिए जाने पर नाराजगी जाहिर की है. बुधवार को विधायक नवीन जायसवाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने सरकार को 25 नवंबर तक पूरा ब्योरा देने का निर्देश दिया है.

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गौरतलब है कि विधायक नवीन जायसवाल को आवंटित आवास को सरकार ने रद्द कर दिया था. इसके खिलाफ वह हाईकोर्ट में गए. एकलपीठ ने नवीन जायसावल की याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि झारखंड में विधायकों के आवास आवंटित करने की कोई नीति नहीं बनी है. इस कारण विधायकों की वरीयता का दावा करना उचित नहीं है. इस आदेश के खिलाफ नवीन ने खंडपीठ में अपील याचिका दायर की. इस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने सभी विधायकों के आवासों के आवंटन का ब्योरे के साथ यह बताने को कहा था कि विधायकों को किस आधार पर आवास आवंटित किया जाता है.

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सोमवार को सरकार का जवाब देखने के बाद कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि जब अदालत ने पूरे विधायकों के आवंटित आवास और उसका आधार बताने को कहा था, तो महज 13 विधायकों के बारे में ही जानकारी क्यों दी गई है. सुनवाई के दौरान नवीन जायसवाल की तरफ से कहा गया कि सरकार का जवाब बुधवार को मिला है. इसपर जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया जाए. जिसको अदालत ने स्वीकार कर लिया. मामले अगली सुनवाई 25 नवंबर को निर्धारित की गई है.

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