HC का आदेश, 2 राज्यों में आवासीय पर रद्द होगा झारखंड मेडिकल कॉलेजों में नामांकन

Smart News Team, Last updated: 09/12/2020 09:34 PM IST
बुधवार को झारखंड हाईकोर्ट ने याचिका पर फैसला सुनाते हुए निर्दश जारी किया है कि अगर किसी भी छात्रों के दो राज्यों में रेजिडेंस हुआ तो उनका नामांकन रद्द होगा. यह बात उन 35 छात्रों को देखते हुए रखी है जिनके दो राज्यों में रेसिडेंस है. आपको बता दें कि अब उन्हें आवासीय प्रमाण पत्र देना होगा.
(तस्वीर: झारखंड हाईकोर्ट)

रांची: हाईकोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई करते हुए निर्देश दिया कि मेडिकल छात्रों को अब यह स्पष्ट करना होगा कि वो किस राज्य से हैं और कहां निवास करते हैं. इस आधार पर छात्रों को निवास प्रमाण पत्र दिखाना होगा. यदि किसी भी छात्र का एक से ज्यादा राज्य में रेजिडेंस है तो उनका नामंकन रोक दिया जाएगा. आपको बता दें कि इससे पहले तक हो ये रहा था दो राज्य में आवास होने पर भी छात्र अपना नामंकन करा ले रहे थे. जिसके चलते छात्रों के विरुद्ध अदालत में याचिका दायर की गई थी.

अब कोर्ट के फैसले के अनुसार मेडिकल छात्रों को अंडरटेकिंग देकर स्पष्ट करना होगा कि किसी छात्र के दो राज्यों में रेसिडेंस तो नहीं हैं. इसके बदले अब उन्हें साफ शब्दों में बताना होगा कि उनका निवास प्रमाण पत्र किस राज्य का है. अगर दो राज्य में रेसिडेंस होता है तो मेडिकल स्टूडेंट्स का नामंकन झारखंड के कॉलजों में रद्द कर दिया जाएगा.

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इसका आदेश बुधवार राज्य हाईकोर्ट ने जारी किया. कोर्ट ने इस संबंध में हेमंत सरकार को शपथ-पत्र दाखिल करने को कहा है. जिसके लिए सरकार को एक महीने का वक्त दिया गया है. इसे लेकर सरकार को प्राथमिकता के आधार पर जवाब देना होगा.

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वहीं, अपनी बातों को विस्तार देते हुए कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई छह जनवरी को मुकर्रर की है. मामले पर हाईकोर्ट में याची विवेक कुमार ने याचिका में 35 छात्रों की सूची पेश की थी. ये सभी वे स्टूडेंट्स थे जिनके बिहार और झारखंड राज्य में आवास हैं. विवेक ने झारखंड में ऐसे नामांकन पर रोक लगाने के लिए हाईकोर्ट से आग्रह किया है.

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