झारखण्ड में बढ़ते साइबर क्राइम पर हाई कोर्ट ने ईडी, सीबीआई, केंद्र से मांगा जवाब

Smart News Team, Last updated: Fri, 15th Jan 2021, 9:11 PM IST
  • झारखंड हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार, प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग को प्रतिवादी बनाते हुए सभी को 29 जनवरी तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. ईडी और आयकर विभाग को यह बताने को कहा गया है कि ऐसे मामलों में वह क्या कार्रवाई कर रही है.
झारखण्ड में बढ़ते साइबर क्राइम पर हाई कोर्ट ने ईडी, सीबीआई, केंद्र से मांगा जवाब

रांची: झारखंड राज्य में साइबर क्राइम के बढ़ते मामले को झारखंड हाईकोर्ट ने गंभीर मामला बताया है. इस मामले में कोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. साथ ही केंद्र सरकार, प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग को प्रतिवादी बनाते हुए सभी को 29 जनवरी तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. ईडी और आयकर विभाग को यह बताने को कहा गया है कि ऐसे मामलों में वह क्या कार्रवाई कर रही है.

50 फीसदी से ज्यादा मामले एटीएम क्रेडिट कार्ड से धोखाधड़ी के

यह आंकड़ा भी चौंकाने वाला है कि यहां के थानों में बड़ी संख्या में एटीएम फर्जीवाड़े के मामले दर्ज हो रहे हैं. सिर्फ करमाटांड थाने में 50 फीसदी से ज्यादा मामले एटीएमए क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड से जुड़े गबन को लेकर दर्ज हुए है.

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पुलिस घटनाओं को काबू करने में नाकाम

पुलिस भी इसकी वजह नहीं बता पा रही है कि आखिरकार यहां साइबर अपराध पनपने के कारण क्या हैं. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अक्सर साइबर अपराध की जांच करने के लिए किसी न किसी प्रदेश की पुलिस जामताड़ा में होती है. एक टीम यहां जांच कर रवाना नहीं होती कि उससे पहले दूसरी टीम आ धमकती है.

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अपराध से जुड़े हैं ज्यादातर युवा

जामताड़ा में साइबर अपराध से जुड़े ज्यादातर शख्स युवा हैं. 20 से 30 वर्ष के अपराधी लगातार घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. वे संगठित गिरोह के तौर पर काम करते हैं और पेशेवर अंदाज में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते हैं. अलग-अलग 150 गिरोह इस काम में संलिप्त हैं जो पुलिस के लिए चुनौती बने हुए हैं.

 

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