रिवर व्यू गार्डन प्रोजेक्ट के नाम पर जमीन पर अवैध कब्जा, जांच के निर्देश

Smart News Team, Last updated: 09/12/2020 07:11 PM IST
  • रिवर व्यू गार्डन प्रोजेक्ट की आड़ में किए गए भूमि पर अवैध कब्जे की पोल धीरे-धीरे अब खुलने लगी है. प्रोजेक्ट की आड़ में सीएनटी एक्ट का उल्लंघन किए जाने के भी आरोप लगाए जा रहे हैं. भूमि के अवैध कब्जे को लेकर भू माफिया और अफसरों की मिलीभगत भी टटोली जा रही है.
रिवर व्यू गार्डन प्रोजेक्ट की आड़ में किए गए भूमि पर अवैध कब्जे

रांची . बता दें कि काके स्थित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के नजदीक जुमार नदी के निकट रिवर व्यू गार्डन प्रोजेक्ट प्रस्तावित है. इसी प्रोजेक्ट की आड़ में अफसरों और भूमाफिया ने एक दूसरे के साथ हाथ मिलाते हुए सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया है. यही नहीं भू माफियाओं ने प्रोजेक्ट के नाम पर गैरमजरूआ जमीन के साथ ही बकाश्त भुईहरी, पहले और बिरसा कृषि विश्वविद्यालय की अर्जित जमीन पर भी कब्जा कर लिया है जोकि सीएनटी एक्ट का खुला उल्लंघन है. अब इस कब्ज आयुक्त जमीन पर भूमाफिया एवं सफेदपोश बड़ा प्रोजेक्ट लगाने की योजना बना रहे हैं. इतना ही नहीं इस अवैध कब्जायुक्त भूमि को भू माफिया अफसरों से सांठगांठ कर बेचने में भी लगे हुए हैं.

 हालांकि ऐसी खबर मिलते ही जिला प्रशासन की ओर से प्रोजेक्ट के काम पर रोक लगा दी गई है और भू माफियाओं पर प्रथम दृष्टया प्राथमिकी भी दर्ज कर ली गई है. यही नहीं इस खेल में पुलिस महकमे की मिलीभगत की रिपोर्ट भी जिला प्रशासन ने तलब की है. पूरे मामले की जांच का दौर जारी है. बताया जा रहा है कि प्रोजेक्ट पर कोयले का काला पैसा लगा है.

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इस प्रोजेक्ट के कर्ता-धर्ता कमलेश कुमार को कोयला उद्योग से जुड़े एक व्यक्ति के माध्यम से फाइनेंस किया जा रहा है. इस प्रोजेक्ट में हिडेन पार्टनर के तौर पर है जोकि मामला प्रकाश में आते ही अंडर ग्राउंड चल रहा है.पुलिस पर भी आरोप लग रहे हैं कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है.

 उधर आरोपियों की ओर से मामले को मैनेज किए जाने की भी चर्चाएं भी तेजी से जोर पकड़ती जा रही हैं. पुलिस महकमे के बड़े अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की भी अनुशंसा की गई है. कई जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है. इधर पूरे मामले पर कड़ी निगाह रखें लोगों ने निष्पक्षता से जांच कराए जाने की मांग करने के साथ ही अब तक अवैध कब्जा युक्त बेची गई भूमि की रजिस्ट्री पर भी रोक लगाए जाने की सिफारिश की है.

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