झारखंड में सरना कोड का प्रस्ताव पारित, आदिवासी समाज में खुशी की लहर, मनाया जश्न

Smart News Team, Last updated: Wed, 11th Nov 2020, 9:26 PM IST
  • झारखण्ड विधानसभा में बुधवार को सरना कोड के प्रस्ताव को सर्वसम्मिति से पारित कर दिया गया. इस कोड की मांग आदिवासी समाज कई सालों से कर रहा था. सरना कोड के पारित होने के आदिवासी समाज ने सड़कों पर विजय जुलूस निकाला.
सरना कोड प्रस्ताव पारित होने पर आदिवासी समाज ने नीकला विजय जुलुस

सरना कोड का प्रस्ताव बुधवार को झारखण्ड विधानसभा में पारित कर दिया गया. जिससे आदिवासी समाज बेहद खुश है. आदिवासी समजा के लोगो ने अपने खुसी का इजहार करने के लिए अपनी पारम्परिक वेशभूषा में सड़को पर उतरे और नृत्य भी किया. सबसे पहले इन लोगों ने केंद्रीय सरना स्थल में अपनी परम्परिक आदिवासी पूजा किया. उसके बाद इन लोगो ने पारम्परिक वेशभूषा और पारपरिक ढोल ताशों के साथ सरना झंडा लेकर विजय जुलुस निकला.

सरना कोड के पारित हूँ जाने के बाद केंद्रीय सरना समित्ति के अध्यक्ष अजय तिर्की ने सिरोम टोली से विजय जुलूस निकला. इस जुलुस को आदिवासियों ने क्लब रोड से होते हुए सुजाता चौक, मैन रोड और अल्बर्ट एक्का चौक तक निकला. सरना कोड को झारखण्ड विधानसभा में विशेष सत्र के दौरान सर्वसम्मिति से पारित किया गया. राज्य सरकार केंद्र को यह प्रस्ताव भेजने जा रही कि 2021 में होने वाली जनगणना में आदिवासी धर्म कोड को एक अलग कॉलम दिया जाय.

क्या है सरना कोड और सरना धर्म कोड, जानें पूरा मामला

आदिवासी सरना कोड की मांग कई सालो से कर रहे थे. जिसे मानते हुए झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सेरोन ने आदिवासी सरना धर्म को विधानसभा में सभी के समने प्रस्तुत किया. जिससे सभी की सहमति से पारित कर दिया गया. पारित होने के बाद सीएम हेमंत सेरोन ने कहा कि आदिवासी धर्म कोड को जनगणना 2021 में शामिल करने के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध करेंगे. जिससे पुरे देश में एक संदेश जाए कि हमारी सरकार देश के आदिवासियों के लिए संवेदनशील है.

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