झारखंड बोर्ड 10वीं-12वीं के 80 हजार छात्रों का रुक सकता है रिजल्ट, जानें क्यों

Smart News Team, Last updated: Mon, 5th Jul 2021, 7:53 AM IST
  • कोरोना महामारी के कारण झारखंड एकेडमिक काउंसिल के मैट्रिक और इंटर के करीब 80 हजार छात्रों के रिजल्ट पेंडिंग हो सकता है. दरअसल, इनकी परीक्षा के लिए स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग ने आपदा प्रबंधन विभाग से अनुमति मांगी है लेकिन अभी तक इसकी इजाजत नहीं मिली है. बताया जा रहा है कि अगर अनुमति मिलने में देरी होती है तो ऐसे छात्र-छात्राओं का रिजल्ट पेंडिंग रह सकता है.
झारखंड बोर्ड मैट्रिक-इंटर के 80 हजार स्टूडेंट्स का रिजल्ट हो सकता है पेंडिंग

कोरोना महामारी के चलते देश भर के छात्रों को किसी न किसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कई सारी परिक्षा हुई, लेकिन उनके रिजल्ट आने में काफी देरी हो रही है. वहीं झारखंड से भी छात्रों के रिजल्ट को लेकर ऐसी बड़ी खबर सामने आ रही है. बतया जा रहा है कि झारखंड एकेडमिक काउंसिल ( जैक ) के मैट्रिक और इंटर के करीबन 80 हजार छात्रों का रिजल्ट पेंडिंग हो सकता है. जी हां, सामने आ रही खबरों की माने तो अगर अगले दस दिन में इन छात्रों की प्रैक्टिकल परीक्षा नहीं हुई तो छात्रों का रिजल्ट पेंडिंग हो सकता है. 

वहीं दी जा रही जानकारी के मुताबिक इनकी परीक्षा के लिए स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग ने आपदा प्रबंधन विभाग से रिजल्ट आउट करने की अनुमति मांगी है लेकिन अभी तक उनकी तरफ से इसको लेकर कोई जवाब नहीं आया है, जिसको लेकर कहा जा रहा है कि अगर अनुमति मिलने में देरी होती है तो छात्र-छात्राओं का रिजल्ट पेंडिंग रह सकता है. बता दें कि ये वैसे छात्र हैं जो कोरोना की दूसरी लहर के कारण प्रैक्टिकल की परीक्षा नहीं दे सके थे. 

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वहीं इस मामले को देखर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश दिया है, जिसके अनुसार झारखंड एकेडमिक काउंसिल को भी जुलाई में ही मैट्रिक के साथ-साथ इंटरमीडिएट का रिजल्ट जारी कर देना है. साथ ही उसको देखते हुए जैक ने सभी छात्रों के प्रैक्टिकल और इंटरनल असेसमेंट का अंक तीन से 13 जुलाई तक अपलोड करने का निर्देश दिया है. ये काम शुरू भी हो चुका है और सोमवार से इस काम में और तेजी आ सकेगी. 

बता दें कि मैट्रिक में 4.30 लाख परीक्षार्थी हैं, जबकि इंटर में 3.40 लाख. इनमें से करीब 80 हजार की प्रैक्टिकल परीक्षा नहीं हो सकी है. कोरोना के चलते अप्रैल महीने में प्रैक्टिकल परीक्षा समय से पहले ही स्थगित कर दी गई थी. बाद में मैट्रिक और इंटर की परीक्षा रद्द की गई और नौंवी और 11वीं के रिजल्ट के आधार पर इसके परिणाम तैयार किए जा रहे हैं.

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