झारखंड कैडर के रिटायर्ड IAS अमित खरे PMO में प्रधानमंत्री मोदी के सलाहकार बने

Ankul Kaushik, Last updated: Tue, 12th Oct 2021, 4:35 PM IST
  • झारखंड कैडर के पूर्व IAS अमित खरे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सलाहकार नियुक्त किया गया है. खरे को प्रधान मंत्री कार्यालय में दो साल के लिए अनुबंध के आधार पर नियुक्त किया गया है. खरे इससे पहले पूर्व सूचना एवं प्रसारण और उच्च शिक्षा सचिव के तौर भी कार्य कर चुके हैं.
पूर्व IAS अमित खरे पीएम नरेंद्र मोदी के सलाहकार बने (फाइल फोटो)

लखनऊ. पूर्व सचिव (एचआरडी) और सूचना और प्रसारण (आई एंड बी) व 1985 बैच के आईएएस अधिकारी अमित खरे प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के सलाहकार के रूप में नियुक्त हुए हैं. बता दें कि अमित खरे झारखंड कैडर के IAS के रुप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं और 30 सितंबर को उच्च शिक्षा सचिव के पद से भी सेवानिवृत्त हुए है. वहीं कैबिनट की नियुक्ति समिति ने खरे को पीएम मोदी का सलाहकार नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी देदी है. इसके साथ ही पीएमओ में उनकी संविदा नियुक्ति भारत सरकार के सचिव की रैंक व स्कैल पर की गई है और वह दो साल तक इस पद पर रहेंगे.  उनकी यह नौकरी कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर है और पुनर्नियुक्ति को लेकर सरकार के सभी नियम उन पर लागू होंगे. 

पूर्व कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा और पूर्व सचिव अमरजीत सिन्हा के इस साल सलाहकार के रूप में पीएमओ छोड़ने के बाद वह प्रधान मंत्री कार्यालय में शामिल होंगे. झारखंड काडर के रिटायर्ड IAS अमित खरे ने पीएम मोदी के निर्देशन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भी अहम भूमिक निभाई थी. इसके साथ ही अमित खेर की डीजिटल मीडिया में नियमों में बदलाव करने भी अहम भूमिका रही है. 

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अमित खरे राज्य विभाजन से पहले बिहार काडर के आईएएस अधिकारी थे और तब चाइबासा के उपायुक्त यानी डिप्टी कमिश्नर रहते हुए उन्होंने चारा घोटाला के नाम से मशहूर पशुपालन घोटाला का भंडाफोड़ किया था. डीसी के तौर पर खरे ने चारा घोटाले की पहली एफआईआर दर्ज कराई थी. राज्य विभाजन के बाद अमित खरे झारखंड में चले गए और उनका काडर बदल गया. केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर खरे ने केंद्र सरकार के कई मंत्रालयों में अहम पद पर काम किया.

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पूर्व सूचना प्रसारण और शिक्षा सचिव अमित खरे ने अपने रिटायरमेंट पर कहा भी था कि वो बस सेवानिवृत्त हो रहे हैं, देश के विकास के लिए काम करते रहेंगे. सूचना प्रसारण सचिव के तौर पर अमित खरे ने डिजिटल मीडिया रेगुलेशन की नीतियां बनाईं जबकि बतौर शिक्षा सचिव उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को अंतिम रूप दिया.

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