झारखंड CM सोरेन के भोजपुरी-मगही भाषा विवादित बयान पर BJP का पलटवार, बोली- ध्रुवीकरण की कोशिश

Nawab Ali, Last updated: Tue, 14th Sep 2021, 9:30 PM IST
  • झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कई विवादों में घिरे हुए हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मगहा और भोजपुरी भाषा पर विवादित बयान से एक बार फिर राजनीति गरमा गई है. भाजपा समेत कई सियासी दल सीएम हेमंत सोरेन के इस बयान की आलोचना कर रहे हैं. भाजपा ने सीएम के बयान को भाषा के आधार पर ध्रुवीकरण करने की कोशिश कोशिश बताई.
सीएम हेमंत सोरेन की भोजपुरी और मगही भाषा पर  विवादित टिप्पणी से भाजपा हमलावर. (फाइल फोटो)

रांची. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एक बार फिर से विवादों में घिर गए हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि झारखंड की लड़ाई क्षेत्रीय भाषा के आधार पर लड़ी गई है भोजपुरी और मगही भाषा की बदोलत नहीं. सीएम ने आगे कहा है कि झारखंड आंदोलन के समय महिलाओं के रेप करते हुए भोजपुरी में गाली दी जाती थी. भोजपुरी भाषा बिहार की भाषा है. सीएम हेमंत सोरेन के इस बयान पर विवाद खड़ा हो गया है. पूर्व सरकार में मंत्री और मौजूदा विभायक भानु प्रताप साही ने सीएम की टिप्पणी पर निशाना साधते हुए कहा है कि भाषा के आधार पर ध्रुवीकरण करने की कोशिश की जा रही है.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार की नई नियाजन नीति गल की फांस बनती जा रही है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार द्वारा नई नियोजन नीति से हिंदी और भोजपुरी हटाये जाने के कारण विवाद बढ़ता ही जा रहा है. अब सीएम हेमंत सोरेन की भोजपुरी भाषा पर टिप्पणी के कारण जमकर आलोचना हो रही है. सीएम ने एक इंटरव्यू के दौरान भोजपुरी भाषा और मगही भाषा को लेकर कहा है कि भोजपुरी और मगही बिहार की भाषा है, झारखंड की नहीं. झारखंड का बिहारीकरण क्‍यों किया जाए? महिलाओं की इज्‍जत लूटकर भोजपुरी भाषा में गाली दी जाती है. आदिवासी और क्षेत्रीय भाषाओं के दम पर जंग लड़ी गई थी, भोजपुरी और मगही भाषा की बदौलत नहीं. झारखंड आंदोलन क्षेत्रीय भाषा के दम पर लड़ी गई थी.

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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस बयान पूर्व सरकार में मंत्री और मौजूदा विधायक भानु प्रताप साही ने काह है कि इससे पहले हेमंत सोरेन सरकार ने विधानसभा में नमाज का कमरा आवंटित कर और उर्दू को क्षेत्रीय भाषा के रूप में शामिल कर धर्म के आधार पर ध्रुवीकरण करने की कोशिश की थी. हालांकि, उन्होंने रोजगार नीति में मेरिट सूची के पेपर से हिंदी को हटा दिया. उन्होंने इसमें भोजपुरी, मगही और अंगिका जैसी भाषाओं को शामिल नहीं किया.

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अब वो भोजपुरी को रेपिस्टों की भाषा बता रहे हैं. भाजपा इसकी निंदा करती है अगर भोजपुरी और मगही क्षेत्रीय भाषा नहीं हैं, तो क्या उर्दू पाकिस्तान से नहीं आई है? सीएम अब भाषा के आधार पर लोगों का ध्रुवीकरण करने की कोशिश कर रहे हैं। एक सीएम के लिए इस तरह की टिप्पणी करना असंवैधानिक है.

 

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