सोरेन सरकार का आदेश- गर्भवती महिलाओं का इलाज करने से मना नहीं कर सकते अस्पताल

Smart News Team, Last updated: Sun, 30th May 2021, 11:49 PM IST
  • झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने आदेश दिया है कि कोई भी अस्पताल गर्भवती महिलाओं को भर्ती करने से मना नहीं कर सकता है. इसकी जानकारी झारखंड स्वास्थ्य विभाग के वरीय आईईसी प्रभारी सिद्धार्थ त्रिपाठी ने दी.
झारखंड स्वास्थ्य विभाग के आईईसी प्रभारी सिद्धार्थ त्रिपाठी ने इसकी जानकारी दी.

राँची. कोरोना संक्रमण के बीच झारखंड के अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं को बहुत कम भर्ती किया जा रहा है. इसको देखते हुए हेमंत सोरेन सरकार ने इस ओर खास ध्यान देने का फैसला किया है. अब झारखंड में कोई भी अस्पताल गर्भवती महिलाओं को भर्ती करने से मना नहीं कर सकता है. झारखंड स्वास्थ्य विभाग के वरीय आईईसी प्रभारी सिद्धार्थ त्रिपाठी ने इसकी जानकारी दी है.

आईईसी प्रभारी सिद्धार्थ त्रिपाठी ने कहा कि अब अस्पताल प्रशासन गर्भवती महिला को भर्ती करने से इंकार नहीं कर सकता है. जैसे ही कोई गर्भवती महिला अस्पताल पहुंचती है तो तुरंत उसकी कोरोना टेस्टिंग की जाएगी. यदि महिला होम आईसोलेशन में रहने की स्थिति में हो तो उसके आईसोलेट किया जाएगा. इसके अलावा डेडीकेटेड कोविड केयर सेंटर में भर्ती किया जाएगा. डेडीकेटेड कोविड केयर सेंटर में टेंड गायनकोलॉजिस्ट हर दो घंटे में जांच करेंगे.

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झारखंड में कोरोना संक्रमण की रफ्तार में कमी आई है. बीते 24 घंटे में झारखंड में कोरोना वायरस के 823 नए मामले सामने आए हैं. वहीं 1 हजार 647 लोग पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं. झारखंड में बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमण से 13 लोगों की मौत हो चुकी है. 

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आपको बता दें कि झारखंड में बीते 1 मई को कोविड के 6 हजार 323 मरीज मिले थे. वहीं 28 मई को झाखंड में सिर्फ 687 कोरोना संक्रमित मिले थे. राज्य में कोरोना से होने वाली मौतों में काफी कमी आई है. 1 मई को झारखंड में कोरोना से 159 लोगों की जान गई थी. वहीं शनिवार को सिर्फ 13 लोगों की कोरोना से मौत हुई है.

 

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