सीएम हेमंत सोरेन ने किया कोविड सर्किट का उद्घाटन, मुफ्त में होगा कोरोना इलाज

Smart News Team, Last updated: Sun, 25th Apr 2021, 9:59 AM IST
  • मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को कोरोना मरीजों की तत्काल सुविधा के लिए जमशेदपुर में कोविड सर्किट का हेमंत सोरेन ने ऑनलाइन उदघाटन किया. जिससे मरीज के गृह जिले में बेड नहीं मिलने पर पड़ोसी या निकटतम जिले में बेड मुहैया कराई जायेगी.
सीएम हेमंत सोरेन ने किया कोविड सर्किट का उद्घाटन, मुफ्त में होगा कोरोना इलाज. (फाइल फ़ोटो)

रांची: झारखंड में कोरोना से बिगड़ते हालात के बीच मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को कोरोना मरीजों की तत्काल सुविधा के लिए जमशेदपुर में कोविड सर्किट सुविधा का हेमंत सोरेन ने ऑनलाइन उदघाटन किया. जिससे मरीज के गृह जिले में बेड नहीं मिलने पर पड़ोसी या निकटतम जिले में बेड मुहैया कराई जायेगी. इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह व अन्‍य अधिकारी मौजूद रहे. मुख्‍यमंत्री ने उद्घाटन करने के बाद उसे हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया. जो कोरोना संक्रमित मरीज इस सुविधा का लाभ लेना चाहते हैं वे 104 नंबर पर कॉल कर अपने निकटवर्ती जिला के अस्पताल में भर्ती हो सकते हैं. यह सुविधा पूरी तरह से निश्शुल्क है.

कोविड सर्किट के क्या मायने

रांची और जमशेदपुर में अगर कोरोना संक्रमितों को ऑक्सीजन युक्त बेड नहीं मिले, तो नजदीक के दूसरे जिलों में उन्हें भर्ती किया जाएगा. हेमंत सोरेन ने कहा कि रांची के मरीजों को खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, गुमला में इलाज की सुविधा मिलेगी. इस सर्किट में 2000 ऑक्सीजन युक्त बेड हैं. इनमें 450 बेड खाली पड़े हैं. इसी तरह जमशेदपुर में कोरोना मरीजों को बेड नहीं मिले, तो उन्हें नजदीक के सरायकेला और चाईबासा के अस्पतालों में भर्ती किया जा सकेगा. इस सर्किट में 1250 ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड है. इनमें 500 खाली पड़े हैं.

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लोगों को कैसे मिलेगा फायदा

रांची और जमशेदपुर में कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है. दोनों जगहों के अस्पतालों में मरीजों का दबाव भी ज्यादा है. रांची के अस्पतालों में मरीजों की संख्या रोज बढ़ रही है जबकि निकटवर्ती जिलों में बड़ी तादाद मे ऑक्सीजनयुक्त बेड खाली पड़े हैं. हेमंत सोरेन ने कहा कि निकट के जिलों में भर्ती होने के लिए 104 नंबर पर डायल करना होगा. यहां से तुरंत बताया जाएगा कि नजदीक के किस जिले के अस्पताल में ऑक्सीजन युक्त बेड खाली हैं. जो लोग वहां तक खुद जा सकते हैं वे जाएं और जिनके पास गाड़ी एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी, सरकार उन्हें मोबाइल वैन उपलब्ध कराएगी.

 

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