साइबर अपराध की नई राजधानी बनी झारखंड की देवघर, जामताड़ा दूसरे नंबर पर

Smart News Team, Last updated: Fri, 1st Jan 2021, 7:31 AM IST
  • झारखंड का जामताड़ा साइबर अपराधियों का अड्डा तो पहले से ही है अब देवघर जिला भी साइबर अपराधियों का नया गढ़ बन चुका है. बीते साल में देवघर से साइबर क्राइम के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं. 
साइबर क्राइम( प्रतीकात्मक फोटो)

रांची. झारखंड के साइबर अपराधी लोगों को शिकार बनाकर उनसे ठगी कर रहे हैं. झारखंड का जामताड़ा साइबर अपराधियों का अड्डा तो पहले से ही है अब देवघर जिला भी साइबर अपराधियों का नया गढ़ बन चुका है. मिली जानकारी के अनुसार जामताड़ा से ज्यादा देवघर जिले से राज्य के बाहर लोगों को साइबर अपराधी ठग रहे हैं. राज्य पुलिस मुख्यालय के नए आंकड़ों में इसका खुलासा हुआ है.

झारखंड के देवघर जिले से सबसे ज्यादा 333 साइबर ठगी के मामले सामने आए हैं. वहीं, जामताड़ा जिले में 218, धनबाद में 121 और गिरिडीह में 156 साइबर अपराध के मामले सामने आए हैं. दूसरे राज्यों से एसपी क्राइम को 157, एसपी गढ़वा को दो, पलामू से तीन, लातेहार से चार, कोडरमा से तीन, ,एसपी हजारीबाग को 16, एसएसपी रांची को 27, खूंटी व पश्चिमी सिंहभूम से 11-11, जमेशदपुर से 19, रामगढ़ से 8, बोकारों से 27 मामलों में बाहरी राज्यों की पुलिस ने साइबर अपराध केस में जांच करने के लिए मदद मांगी. राज्य पुलिस के आंकड़ो के अनुसार साइबर अपराधियों की सक्रियता देवघर ,जामताड़ा, गिरिडीह और धनबाद जिले में सबसे ज्यादा रही है.

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झारखंड की राजधानी रांची में साइबर अपराध के 290 मामले सामने आए हैं. पूरे राज्य में साइबर अपराध के केस कुल 1240 सामने आए हैं. बीते साल पुलिस ने 1385 केस साइबर अपराध के तहत दर्ज किया है. पुलिस ने साइबर अपराध के मामले में 517 साइबर फ्रॉडों की गिरफ्तारियां की है. पुलिस ने इन साइबर अपराधियों के पास से 41.59 लाख बरामद किए थे.

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