झारखंड : शहीदों के आश्रितों को नौकरी में मिलेगा 5 फीसदी आरक्षण, CM सोरेन का ऐलान

Smart News Team, Last updated: Sun, 2nd Jan 2022, 8:30 AM IST
  • झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खरसावां गोलीकांड के शहीदों के आश्रितों को नौकरियों में 5 फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया है.
खरसावां गोलीकांड के शहीदों को श्रद्धांजलि देते सीएम हेमंत सोरेन (Photo- Hemant Soren Twitter)

रांची. खरसावां गोलीकांड में शहीद हुए लोगों के आश्रितों को नौकरी में 5 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को खरसवां कांड के शहीदों को श्रद्धांजलि देते वक्त ऐलान किया. सीएम सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार ने शहीदों की पहचान करने, उनके आश्रितों को पेंशन देने और खरसावां गोलीकांड के शहीदों के आश्रितों को नौकरी में 5 फीसदी क्षैतिज आरक्षण देने का फैसला लिया है.

सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड वीर शहीदों की भूमि है. यहां अनगिनत वीरों ने अपने राज्य और देश के खातिर बलिदान दिया. इनमें से कई इतिहास के पन्नों में दर्ज हैं, तो वहीं कई गुमनाम हैं. सरकार ऐसे गुमनाम शहीदों की पहचान कर उनके आश्रितों को सम्मान देने की कोशिश कर रही है. राज्य सरकार आदिवासियों के संघर्ष को हमेशा याद रखेगी.

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खरसावां गोलीकांड में गई थी हजारों की जान

1 जनवरी 1948 को खरसावां के बाजार में अलग आदिवासी राज्य की मांग को लेकर एक आम सभा आयोजित की गई थी. इसकी प्रशासन से अनुमति ली गई थी और सभा शांतिपूर्ण चल रही थी. उस समय खरसावां को ओडिशा राज्य में शामिल करने की इजाजत दे दी गई थी. मगर स्थानीय आदिवासी इसके खिलाफ थे. जब आदिवासी लोग सभा खत्म कर घरों की ओर लौट रहे थे, तब ओडिशा प्रशासन ने अंधाधुंध गोलीबारी कर ली.

करीब आधे घंटे तक चली फायरिंग में हजारों लोग मारे गए. बताया जाता है कि प्रशासन ने रात होते ही लाशों को ठिकाने लगा दिया. कई शवों को दफना दिया, कईयों को नदी में फेंक दिया तो कुछ शवों को जंगल में जानवरों के खाने के लिए छोड़ दिया. आदिवासी नेताओं ने इसे आजाद भारत का जलियांवाला बाग कांड करार दिया था. झारखंड सरकार ने खरसावां गोलीकांड में मारे गए लोगों को शहीद का दर्जा दिया.

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