IMA की हड़ताल में झारखंड के डॉक्टरों का समर्थन, बंद रहेंगे प्राइवेट OPD

Smart News Team, Last updated: Thu, 10th Dec 2020, 8:55 PM IST
झारखंड के डॉक्टरों ने आईएमए की देशव्यापी हड़ताल को लेकर समर्थन देते हुए अपना काम बंद करने का फैसला किया है. इस सिलसिले में निजी अस्पताल और प्राइवेट डॉक्टर भी आगे आकर इसमें शामिल हुए.
झारखंड के आईएमए से संबंधित डॉक्टर भी अपना काम बंद करेंगे.

रांची: आईएमए के देशव्यापी हड़ताल बुलाए जाने पर झारखंड में भी संबंधित डॉक्टर शुक्रवार को समर्थन में अपना कार्य बंद रखेंगे. इसी कड़ी में डॉक्टरों द्वारा उपलब्ध कराई जा रही आपातकालीन सेवा और कोविड सुविधा जारी रहेगी. इसी के चलते सभी प्राइवेट अस्पतालों और निजी डॉक्टरों की सुविधाएं बाधित रहने वाली है. मरीजों को इस बंदी से थोड़ी परेशानी झेलनी पड़ सकती है. बता दें कि यह हड़ताल आर्युवेद और आयुष डॉक्टरों को सर्जरी जैसी बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने के कारण रखी जा रही है.

इस कड़ी में सरकारी और निजी सभी पैथलॉजी सेंटर, नर्सिग होम, निजी अस्पताल में आउटडोर मरीजों की जांच भी नहीं होगी. बंद से कोविड केयर सेंटर और आपातकालीन सेवाओं जारी रहेंगी. वहीं, झारखंड हेल्थ सर्विसेज एसोसिएशन के प्रदेश सचिव डॉ विमलेश ने इसपर कहा कि राज्य सरकार के सभी चिकित्सक शुक्रवार को कार्य बहिष्कार रखेंगे. 

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वहीं, निजी अस्पतालों में भी आपात सेवाओं को छोड़ किसी प्रकार की जांच नहीं होगी. इसे देखते हुए डॉक्टरों ने एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और अन्य जांच नहीं करने का फैसला किया है. एसोसिएशन ऑफ हेल्थ प्रोवाइडर इंस्टीटयूट के अध्यक्ष योगेश गंभीर ने आईएमए की हड़ताल का समर्थन किया है.

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असल में सेंट्रल काउंसिल फॉर इंडियन मेडिसिन ने हाल में एक अधिसूचना जारी की थी. जिसमें आयुर्वेद और दूसरे आयुष डॉक्टरों को सर्जरी करने की अनुमति दे दी गई. जिसके चलते आईएमए ने इस हड़ताल को रखा है. आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. पीके गुप्ता ने बताया कि इतनी बड़ी जिम्मेदारी मरीजों के हित में नहीं है. उन्होंने बताया कि एलोपैथिक और आयुष दोनों विभिन्न चीज़ें हैं. दोनों के अपने स्तर पर अलग-अलग रोल है.

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पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि दोनों के मिलने से कुछ और ही परिणाम होंगे. जिसका सीधा असर मरीजों पर पड़ेगा. बता दें कि देश भर में आईएमए से संबंधित 3 लाख डॉक्टर हैं. 

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