1 से 8 वीं के स्टूडेंट्स के लिए एकेडमिक कैलेंडर जारी, इस बार अलग तरह होगी पढ़ाई

Smart News Team, Last updated: 08/12/2020 07:19 AM IST
  • पहली से 8 वीं क्लास के छात्रों के लिए संशोधित सिलेबस को पूरा कराने के लिए झारखंड सरकार ने 12 हफ्ते के लिए शैक्षिणक कैलेंडर जारी कर दिया है. बच्चों को अब तक उपलब्ध कराए गए कंटेंट का रिवीजन कराया जाएगा फिर इसके बाद संशोधित सिलेबस के हिसाब से कोर्स पूरा कराया जाएगा.
झारखंड सरकार ने 12 हफ्ते के लिए शैक्षिणक कैलेंडर जारी कर दिया है.

रांची. झारखंड सरकार ने पहली से 8 वीं क्लास के छात्रों के लिए संशोधित सिलेबस को पूरा कराने के लिए सोमवार को 12 हफ्ते के लिए शैक्षिणक कैलेंडर जारी कर दिया है. ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से बच्चों को शेड्यलू उपलब्ध कराया जाएगा. 12 हफ्ते के लिए जारी शैक्षिणक कैलेंडर के हिसाब से झारखंड शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद ने व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए बच्चों को पढ़ाई के लिए कंटेंट देना शुरू कर दिया है. दिसंबर, जनवरी और फरवरी महीने तक पहली से 8 वीं क्लास के छात्रों के लिए कंटेंट तैयार किया गया है. पूरे कंटेंट को तीन महीने के चार-चार हफ्ते में बांट दिया गया है. 

जारी शेड्यूल में बताया गया है कि कौन सा विषय किस दिन और कौन से क्लास के बच्चों को पढ़ना है. इसके अलावा शेड्यूल में तय किया गया है कि शुरुआती हफ्ते में बच्चों को अब तक उपलब्ध कराए गए कंटेंट का रिवीजन कराया जाएगा फिर इसके बाद संशोधित सिलेबस के हिसाब से कोर्स पूरा कराया जाएगा. 

कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के भारत बंद का झारखंड मुक्ति मोर्चा ने किया समर्थन

जारी शेड्यूल में छात्रों की सुविधा के लिए हर विषय के चैप्टर के नाम के साथ-साथ बुक में वह किस पेज नंबर पर है, इसकी जानकारी भी दी गई है. इसके अलावा ज्ञान सेतु के वर्क बुक से किस पेज नंबर पर है, यह शेड्यूल में बताया गया है. 

स्पीड बढ़ी तो बदल गया ट्रेनों के परिचालन की समय

वे छात्र-छात्रा जो व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए नहीं जुड़े है उन्हें संबंधित स्कूल द्वारा शैक्षिणक कैलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा. स्कूल के शिक्षकों को शेड्यूल उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई है. शिक्षक 12 हफ्ते के शेड्यूल का फोटो कॉपी कराने के बाद बच्चों तक पहुंचाएंगे. शिक्षकों को इस दौरान कोविड-19 गाइडलाइंस का पालन करना होगा. बच्चों तक संशोधित शेड्यूल उपलब्ध कराने के दौरान शिक्षक बड़े बच्चों की मदद और स्थानीय लोगों की मदद भी ले सकते हैं. 

अन्य खबरें