रांचीः छठी से 10वीं कक्षा के छात्रों की होगी आंख जांच, मिलेगा फ्री चश्मा

Sumit Rajak, Last updated: Sat, 25th Dec 2021, 8:42 AM IST
  • सरकारी स्कूलों में छठी से दसवीं तक के विद्यार्थियों को आंखों की जांच की जाएगी और जरूरतमंद विद्यार्थियों को चश्मा उपलब्ध कराया जाएगा. यह पूरी तरह से निशुल्क होगा. इसके लिए राज्य सरकार ने राष्ट्रीय अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम और राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम को प्रभारी बनाने का फैसला लिया है. 6 दिसंबर को विद्यालय स्तर से नेत्र जांच कार्यक्रम होगा. 1 से 4 दिसंबर तक शिक्षकों का प्रशिक्षण भी कराया जाएगा.
फाइल फोटो

रांची. सरकारी स्कूलों में छठी से दसवीं तक के विद्यार्थियों को आंखों की जांच की जाएगी और जरूरतमंद विद्यार्थियों को चश्मा उपलब्ध कराया जाएगा. यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए पूरी तरह निशुल्क को होगा. इसके लिए राज्य सरकार ने राष्ट्रीय अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम और राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम को प्रभारी बनाने का फैसला लिया है. राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने इस योजना को प्रभावी बनाने के लिए सभी जिलों के उपायुक्तों को पत्र लिखा है. राजधानी रांची के सभी प्रखंडों में शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों को भी तैयारी शुरू करने का निर्देश दिया गया है. इसके तहत 6 दिसंबर से विद्यालय स्तर से नेत्र जांच कार्यक्रम की शुरुआत होगी. उपायुक्तों को कहा गया है कि सिविल सर्जन, डीईओ, डीएसइ के साथ मिलकर कार्यक्रम का क्रियान्वयन सुनिश्चित कराए.

नेत्र जांच कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए राज्य के सभी प्राथमिक और मध्य विद्यालय के एक-एक शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा. प्रशिक्षण शिक्षकों को जिम्मेदारी होगी कि स्कूल के 11 बच्चों की आंख की जांच कराएं. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर इसकी व्यवस्था की जाएगी. शिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम 1 दिसंबर से शुरू होकर 4 दिसंबर तक चलेगा. इससे पहले मुख्य प्रशिक्षकों को 25 नवंबर को प्रशिक्षक दिया जाएगा. विद्यालय स्तर पर प्रारंभिक जांच 6 से 8 दिसंबर तक होगी. जिन विद्यार्थियों की आंख में समस्या पाई जाएगी. उनकी विस्तृत जांच 10 से 1 सितंबर तक होगी. इसके बाद 15 जनवरी 2022 के लगातार चश्मा वितरण कार्यक्रम चलाया जाएगा. 

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स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने बताया है कि राष्ट्रीय अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम और राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम के तहत बच्चों को निशुल्क चश्मा दिए जाने का प्रावधान है, लेकिन यह योजना राज्य में प्रभावी नहीं है. इसे प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जरूरतमंद बच्चों को निशुल्क चश्मा उपलब्ध कराने का भी प्रावधान किया गया है. 

गंभीर समस्या पर बेहतर इलाज 

स्वास्थ्य विभाग द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि जिन विद्यार्थियों में मोतियाबिंद या अन्य गंभीर नेत्र रोक पाए जाएंगे, उन्हें बेहतर इलाज के लिए नेत्र रोग विशेषज्ञ के पास भेजा जाएगा. नेत्र जांच चश्मा और दवा वितरण का दायित्व झारखंड चिकित्सा स्वास्थ्य आधारभूत संरचना निगम को दिया गया है. स्वस्थ विभाग का कहना है कि स्कूलों में बहुत से बच्चों में आंखों की समस्या होती है. जिसके कारण उन्हें बोर्ड की लिखावट ठीक से समझ में नहीं आती यह भी एक कारण है कि बच्चे पढ़ाई में कमजोर होते जाते हैं. इसलिए बच्चों की आंखों का समुचित इलाज है. विद्यार्थियों को जागरूक किया जाएगा.

 

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