JPSC सदस्यों के पुनर्नियोजन के मुद्दे पर झारखंड राज्यपाल का आदेश, संविधान व JPSC सर्विस रेगुलेशन की हो समीक्षा

Somya Sri, Last updated: Mon, 6th Sep 2021, 9:38 AM IST
  • राज्यपाल रमेश बैस ने जेपीएससी सदस्यों के पुनर्नियोजन के मुद्दे पर को लेकर आदेश दिया है इस मामले में संविधान और जेपीएससी सर्विस रेगुलेशन के प्रावधानों के तहत समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाए.
झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस (फाइल फोटो)

रांची: झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने जेपीएससी सदस्यों के पुनर्नियोजन या पूर्व की सेवा में लौटने के मुद्दे पर को लेकर आदेश दिया है इस मामले में संविधान और जेपीएससी सर्विस रेगुलेशन के प्रावधानों के तहत समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाए. उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा है कि किसी परिस्थिति में संविधान के अनुच्छेद 319 में निहित प्रावधानों और जेपीएससी सेवा शर्त विनियम 2000 के भाग दो के खंड 4 (क) में लिखित प्रावधानों और निर्धारित नियमों का उल्लंघन नहीं हो.

दरअसल, ये मामला टीएन साहू और एके चट्टोराज से जुड़ा हुआ है. दोनों ही जेपीएससी के सदस्य थे और जेपीएससी की ओर से प्रोफेसर के पद पर प्रोन्नति के लिए आयोजित इंटरव्यू में शामिल हो गए थे. जबकि आयोग के अध्यक्ष या सदस्य अपनी पुरानी नौकरी में न तो लौट सकते हैं और न ही राज्य या केंद्र सरकार में उनकी पुनर्नियुक्ति हो सकती है. हालांकि टीएन साहू ने 10 जनवरी 2021 को आयोग की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया. वहीं 23 जुलाई 2021 को एके चट्टोराज की उम्र 62 साल हो गयी. इससे आयोग की उनकी सदस्यता समाप्त हो गयी. इसके बाद दोनों ने ही विश्वविद्यालय की सेवा में लौटना चाहते थे.

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जिसके बाद आयोग ने ये मामला राज्यपाल रमेश बैस को सौंप दिया. इसके बाद राज्यपाल ने महाधिवक्ता से राय मांगी थी. महाधिवक्ता की राय के मुताबिक आयोग के अध्यक्ष के सदस्य अपनी पुरानी नौकरी में न तो लौट सकते हैं और ना ही राज्य या केंद्र सरकार में उनकी पुनर्नियुक्ति हो सकती है. फिलहाल दोनों ही विश्वविद्यालय की अपनी पुरानी सेवा में लौट आये हैं.

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