रिम्स अस्पताल में 1300 करोड़ से 950 बेड का सुपर स्पेशलिटी, चाइल्ड, मैटरनिटी वार्ड बनेगा

Somya Sri, Last updated: Mon, 11th Oct 2021, 5:40 PM IST
  • 1300 करोड़ रुपये की लागत से रिम्स अस्पताल में चार नए भवनों का निर्माण किया जाएगा. इन नव निर्मित 4 नए भवनों में 700 बेड का सुपर स्पेशलिटी वार्ड बनाया जाएगा. साथ ही ढाई सौ बेड का चाइल्ड एंड मेटरनिटी वार्ड का निर्माण होगा. इसके अलावा चतुर्थवर्गीय कर्मचारी जो 10 साल से अधिक रिम्स में कार्यरत हैं. उन्हें समायोजित किया जाएगा. इससे करीब 70 से 75 कर्मचारियों को फायदा पहुंचेगा.
रिम्स अस्पताल में 1300 करोड़ से 950 बेड का सुपर स्पेशलिटी, चाइल्ड, मैटरनिटी वार्ड बनेगा (फाइल फोटो)

रांची: रिम्स अस्पताल का अब कायाकल्प होने वाला है. 1300 करोड़ रुपये की लागत से रिम्स अस्पताल में चार नए भवनों का निर्माण किया जाएगा. इन नव निर्मित 4 नए भवनों में 700 बेड का सुपर स्पेशलिटी वार्ड बनाया जाएगा. साथ ही ढाई सौ बेड का चाइल्ड एंड मेटरनिटी वार्ड का निर्माण होगा. इसके अलावा चतुर्थवर्गीय कर्मचारी जो 10 साल से अधिक रिम्स में कार्यरत हैं. उन्हें समायोजित किया जाएगा. इससे करीब 70 से 75 कर्मचारियों को फायदा पहुंचेगा. बता दें कि अब गुप्तकर एजेंसी के द्वारा डॉक्टरों की निगरानी भी रखी जायेगी. वहीं अब विभागीय मंत्री 5 लाख तक के इलाज के लिए स्वीकृति दे सकेंगे. जबकि निदेशक 1 लाख तक के इलाज की स्वीकृति प्रदान करेंगे.

बता दें कि राज्य सरकार प्रदेश के स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने के पूरे मूड में है. हाल ही में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा था कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों के अनुपात में डॉक्टरों की व्यवस्था की जाएगी. उन्होंने कहा था कि ," रिम्स का लोड कम किया जाएगा. रिम्स बड़ी बीमारियों के इलाज के लिए है. छोटी-छोटी बीमारियों के उपचार के लिए भी मरीज रिम्स आते हैं, इससे रिम्स पर लोड बढ़ता है. इसके लिए जरूरी है कि हमारे अन्य अस्पतालों में भी विशेषज्ञ उपचार की सुविधा उपलब्ध हो और उसका लाभ मरीजों को मिले." स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि," जिन अस्पतालों में सभी विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं हो पाएंगे, वहां पीपीपी मोड पर सभी प्रकार की स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा."

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स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा था कि," राज्य के सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए हॉस्पिटल मैनेजर या एडमिनिस्ट्रेशन एग्जीक्यूटिव का पद सृजित किया जाएगा. इनका दायित्व न सिर्फ मरीजों के एडमिशन से लेकर डिस्चार्ज तक की प्रक्रिया की समुचित निगरानी करना होगा, बल्कि अस्पताल की पूरी प्रक्रिया को सुगम बनाते हुए मरीजों के कठिन समय में सहयोग प्रदान करना भी होगा."

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