झारखंड HC ने हेमंत सोरेन सरकार से छात्रवृत्ति घोटाले में मांगा जवाब

Smart News Team, Last updated: 04/12/2020 06:41 PM IST
प्रदेश में अल्पसंख्यक छात्रों की छात्रवृत्ति घोटाले को देखते हुए शुक्रवार को खुद झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से इस मामले पर रिपोर्ट मांगी है. उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश डॉ. रवि रंजन और जज सुजीत नारायण प्रसाद की कोर्ट ने दिया है.
झारखंड हाईकोर्ट: फोटो

रांची: खुद झारखंड हाईकोर्ट ने दखल देकर अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति घोटाले में राज्य सरकार से रिपोर्ट की मांग की है. इसके साथ ही सरकार को कई बिंदुआओं पर घेरते हुए सवाल भी पूछे हैं. जिसका जवाब अब हेमंत सरकार को सिलसिलेवार तरीके से देकर 18 दिसंबर को दाखिल करना होगा. यह आदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश डॉ. रवि रंजन और जज सुजीत नारायण प्रसाद की कोर्ट ने दिया है. 

पूछे सवालों के तहत सरकार को बताना पड़ेगा कि आखिर मामले में गड़बड़ी कैसी हुई और इसके साथ जिम्मेदार कौन-कौन लोग हैं? साथ ही यह भी बताना होगा कि जब यह मामला सामने आया तो सरकार ने इस पर क्या कदम उठाएं?

आपको बता दें कि पूर्व में हेमंत सरकार ने इस घोटाले के प्रकाश में आते ही जांच करने के आदेश दिए थे. आदेश में वित्तीय वर्ष 2018-19 से 2020-21 की अवधि में हुई प्री-मैट्रिक,पोस्ट-मैट्रिक और मेरिट कम मिंस छात्रवृत्ति में गड़बड़ी की जांच और निगरानी करने को कहा था. वहीं, जिन स्कूलों ने 2020-21 के बीच ऐसी धांधली की है, उनके रजिस्ट्रेशन रद्द करने के भी निर्देश सरकार ने दिए थे.

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केंद्र सरकार ने भी मामले पर राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह केस की जांच को पुख्ता करें कि कहीं, वित्तीय वर्ष 2021-22 की छात्रवृत्ति में किसी तरह की गड़बड़ी तो नहीं हुई है. जिसके बाद सरकार ने इसपर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए उपायुक्तों को 2020-21 में छात्रवृत्ति के सत्यापन की जांच के आदेश दिए थे. जिसपर जिला शिक्षा अधीक्षक और जिला शिक्षा अधिकारी के दस्तावेज को आधार बनाते हुए स्कूलों द्वारा लिए गए कोड का मिलान भी किया जाएगा. आपको बता दें कि यह मामला सरकारी राशि के गबन से संबंधित है.

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