झारखंड: सोरेन सरकार का बड़ा फैसला, शिक्षकों का गृह जिले में नहीं होगा तबादला

Smart News Team, Last updated: Mon, 14th Feb 2022, 11:24 AM IST
झारखंड में सरकारी प्राइमरी स्कूलों (Primary Schools) में शिक्षकों के तबादले के नियम में बदलाव किया जा रहा है. इसके तहत पुरुष शिक्षकों का गृह जिले में तबादला नहीं हो सकेगा. 
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रांची: झारखंड में सरकारी प्राइमरी स्कूलों (Primary Schools) में शिक्षकों के तबादले के नियम में बदलाव किया जा रहा है। इसके तहत पुरुष शिक्षकों का गृह जिले में तबादला नहीं हो सकेगा. इसका मतलब यह है कि झारखंड सरकार (Jharkhand Government) शिक्षकों को अपने गृह जिलों में नहीं पढ़ाने का आदेश दे रही है. 

बता दें कि इस पॉलिसी का फायदा केवल उन लोगों को ही मिल पाएगा जो सरकारी सेवा वाले पति-पत्नी, महिला, दिव्यांग और असाध्य रोग से पीड़ित शिक्षक हैं. यह प्रावधान शिक्षक स्थानांतरण की संशोधित नियमावली में किया गया है. अभी नियमवाली को विधि विभाग की मंजूरी के बाद कार्मिक विभाग की सहमति के लिए भेजा गया है. 

वहां से आने के बाद उसे कैबिनेट भेजा जाएगा. झारखंड के सरकारी स्कूलों के टीचर्स की ये ट्रांसफर पॉलिसी साल 2019 में ही तैयार की गई थी, जिसमें जिले के अंदर ही पांच जोन में शिक्षकों का तबादला किया जाना था.

शिक्षक संगठन द्वारा लगातार शिक्षकों को अंतर जिला स्थानांतरण का मौका देने की सरकार से मांग के चलते सरकार ने नियमावली में संशोधन करने का एलान किया. इसके बाद अब सभी शिक्षकों को इसका लाभ मिलता नहीं दिख रहा है. राज्य के प्रारंभिक स्कूलों के करीब 7400 शिक्षक ऐसे हैं जो दूसरे जिलों में कार्यरत हैं और वे अपने गृह जिला में लौटना चाहते हैं. 

वहीं इस नियमावली का फायदा केवल महिला टीचर्स को ही हो सकेगा, जिसके तहत वे अपने गृह जिले में आ सकेंगी. लेकिन पुरुष शिक्षकों के लिए निराशाजनक खबर है क्योंकि उन्हें इसका अवसर नहीं मिलेगा. वैसे शिक्षक जिनके पति या पत्नी राज्य या केंद्र सरकार की सेवा में हैं उन्हें दूसरे जिलों में एक बार तबादला का अवसर मिलेगा. 

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अगर कोई अभ्यर्थी किसी क्षेत्रीय भाषा के आधार पर नियुक्त हुआ है तो उसे दूसरे क्षेत्रीय भाषा वाले जिलों में स्थानांतरण का मौका नहीं मिलेगा. वहीं, अगर जिस विषय के शिक्षक होंगे अगर संबंधित जिले में उस विषय के शिक्षक की आवश्यकता नहीं हुई तो तबादला नहीं हो सकेगा.

शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने इस विषय पर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि सभी शिक्षकों को गृह जिला में तबादला का अवसर नहीं दिया जा सकता है. सभी का एक साथ तबादला करेंगे को स्कूल अस्त-व्यस्त हो जाएंगे

अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के मुख्य प्रवक्ता नसीम अहमद ने कहा कि झारखंड के करीब 7400 शिक्षक दूसरे जिलों में कार्यरत हैं. उन्हें गृह जिले में तबादला का अवसर दिया जाना चाहिए. स्थानांतरण नियमावली में संशोधन भी इसी मामले को लेकर हो रहा है. इसके लिए संगठन की ओर से शिक्षा विभाग को अवगत करा दिया गया है.

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