झारखंड में जल्द शुरू होगी टीचर भर्ती नियुक्ति प्रक्रिया, इतने पद हैं खाली

Smart News Team, Last updated: Mon, 9th Aug 2021, 2:49 PM IST
राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में खाली पड़े 1 लाख पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरु होने वाली है. इसके लिए कैबिनेट से नियामवली में संशोधन करने की स्वीकृति मिल गई है. शिक्षक नियुक्ति नियमावली को फाइनल कर दिया गया है. नियुक्ति परीक्षा के लिए अब अभ्यर्थियों की योग्यता भी तय कर दी गई है.
झारखंड में जल्द शुरु होंगी टीचर भर्ती प्रक्रिया (सांकेतिक फोटो)

रांची. झारखंड राज्य के कई सरकारी विभागों में खाली पड़े 1 लाख पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द शुरु होने वाली है. इस नियुक्ति प्रक्रिया के लिए कैबिनेट से नियुक्ति नियामवली में संशोधन की इजाजत मिल गई है. इन नियुक्तियों के लिए विभागीय स्तर पर जरूरी प्रक्रियाएं भी तेजी से पूरी की जा रही हैं. राज्य के शिक्षा विभाग और गृह विभाग में सबसे ज्यादा नियुक्तियां होनी है. शिक्षा विभाग में 24 हजार और गृह विभाग में 20 हजार से ज्यादा पद खाली हैं. इसके साथ ही अब परीक्षा के शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की योग्यता भी अब तय की गई है.

नियुक्ति के लिए झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा ली जानेवाली परीक्षा के मॉडल में भी बदलाव किया गया है. सालों-साल चलने वाली इन परीक्षा को अब एक स्तरीय कर दिया गया है. परीक्षा के लंबे समय तक होने से नियुक्ति में देरी होती थी. बता दे कि 2016 में हाइ स्कूल की नियुक्ति प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी है. वहीं, राज्य के प्राइमेरी और सेकेंडरी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति की रुलबुक का ड्राफ्ट फाइनल कर दिया गया है. जबकि अन्य विभागों के नियामवली में होने वाले संशोधन फाइनल स्टेज पर हैं. इन नियमावलियों पर विभागीय सहमति बन गई है जल्द ही इन्हें कार्मिक विभाग भेजा जाएगा.

झारखंड में आसमान से गिरी आफत! वज्रपात की चपेट में आए 16 लोगों की मौत

वहीं, साल 2021 को नियुक्ति वर्ष घोषित किया गया है. आपको बता दें कि पिछली सरकार की बनाई नियोजन नीति के तहत राज्य के 13 जिलों में शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी. इन नियुक्तियों को हाई कोर्ट ने रद्द कर दिया था. इसके बाद से पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरु नहीं हो पा रही थी. राज्य में खाली पड़े प्राइमेरी और सेकेंडरी टीचरों के अधिकतर पद डिस्ट्रिक्ट लेवेल के हैं. अब सरकार ने राज्य से मैट्रिक पास करने वाले छात्रों को प्राथमिकता देने का फैसला किया है.

इससे पहले हाइकोर्ट ने असिस्टेंट इंजीनियर के बहालीर के विज्ञापन को निरस्त कर  दिया था. इसमें 5000 पद शामिल थे. हाइकोर्ट के इस फैसले के बाद झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने कई विभागों द्वारा भेजी गई अधियाचना को कार्मिक, प्रशासनिक सुधार और राजभाषा को वापस कर दिया था. इस पर हाइकोर्ट ने कहा था कि आर्थिक रुप से गरीब सर्वणों को नियुक्ति रुलबुक लागू होने से पहले खाली पड़े पदों पर 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा सकता है.

अन्य खबरें