केरल, महाराष्ट्र के बाद अब झारखंड ने वापस लिया CBI को दिया गया ‘जनरल कन्सेंट’

Smart News Team, Last updated: Fri, 6th Nov 2020, 7:30 AM IST
  • झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने सीबीआई को दिया गया जनरल कन्सेंट वापस ले लिया है, जिसके बाद अब राज्य में किसी तरह की जांच करने से पहले सीबीआई को सूबे की सरकार से सहमति लेना जरुरी होगा. 
झारखंज के सीएम हेमंत सोरेन

रांची: झारखंड सरकार ने राज्य में सीबीआई जांच से जुड़े नियमों में बदलाव किया है. इस नियम के मुताबिक अब सीबीआई को सूबे के किसी मामले की जांच करने से पहले झारखंड सरकार की अनुमति लेनी होगी. उसके बाद ही सीबीआई राज्य में किसी केस की जांच कर सकती है. गौरतलब है कि सीबीआई यानी केंन्द्रीय जांच ब्यूरो एक सेंट्रल बॉडी है जिसके पास किसी भी राज्य में किसी केस को सुलझाने का अधिकार होता है.

जानकारी के मुताबिक सीबीआई को राज्य में किसी भी मामले में जांच करने का अधिकार था, जिसे जनरल केन्सेंट कहा जाता है. इसकी छूट अविभाजित बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव दे दी थी. जिसके तहत सीबीआई को राज्य में शक्तियों और न्यायक्षेत्र के इस्तेमाल के लिए किसी तरह की अनुमति नहीं लेनी होती थी, लेकिन अब जनरल कंन्सेंट वापस लेने के बाद सीबीआई को मंजूरी लेनी होगी. जनरल केन्सेंट वापस लेने की जानकारी प्रदेश के मुख्यंमत्री हेमंत सोरेन ने खुद ट्वीट करके दी.

झारखंड: CBI जांच की जेनरल कन्सेंट वापसी का मतलब,सरकार की परमिशन बिना एंट्री नहीं

आपको बता दें कि झारखंड पहला राज्य नहीं है जिसने सीबीआई का जनरल कन्सेंट वापस लिया है. इससे पहले भी देश के कई राज्य इसे वापस ले चुके हैं. जिसके बाद अगर उन राज्यों में सीबीआई अधिकारी बिना परमीशन के जाते हैं तो उनकी पुलिस पावर सीज हो जाएगी. हाल के समय में पश्चिम बंगाल, राजस्थान, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, राजस्थान और केरल की सरकारों ने भी इसी तरह के फैसले लिए और सीबीआई को दी गई जनरल कन्सेंट को वापस ले लिया. बता दें कि इन सभी राज्यों में बीजेपी या उसके गठबंधन सहयोगियों की सरकार नहीं है. झारखंड में भी झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और आरजेडी गठबंधन की सरकार है और जेएमएम के हेमंत सोरेन इसके मुखिया हैं.

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