जज उत्तम आनंद मौत केस: HC की कड़ी टिप्पणी- लगता है झारखंड सरकार हर संस्थान ध्वस्त करना चाहती है

Shubham Bajpai, Last updated: Thu, 2nd Sep 2021, 2:40 PM IST
  • धनबाद के जज उत्तम आनंद हत्याकांड मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सुनवाई की. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार पर रांची में एफएसएल लैब में जांच न होने पर नाराजगी व्यक्त की. कोर्ट ने कहा कि लगता है कि झारखंड सरकार सभी संस्थान को ध्वस्त करना चाहती है.
जज उत्तम आनंद हत्याकांड मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार

रांची. धनबाद जज उत्तम आनंद हत्याकांड के मामले में झारखंड कोर्ट ने आज सुनवाई की. इस दौरान कोर्ट में सीबीआीई अभी तक की जांच की जानकारी कोर्ट को दी. इस दौरान सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि रांची में एफसीएल जांच की सुविधा न होने की वजह से जांच में देरी हुई. जिस पर कोर्ट ने एफएसएल में खाली पड़े पदों और जांच की सुविधा न होने पर सरकार को कड़ी फटकार लगाई. कोर्ट ने कहा कि 10 साल में जांच की व्यवस्था तक नहीं हो पाई. वहीं, खाली पड़े पदों को अभी तक भरा नहीं गया, जबकि इन पदों का सृजन 2011 में ही हो गया था. अब इस मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी.

जब लैब में सारे काम गोपनीय, क्यों की गई आउटसोर्स कर्मियों की नियुक्ति

कोर्ट ने सरकार के खिलाफ सख्ती टिप्पणी करते हुए रांची में एफएसएल लैब में सुविधा न होने पर नाराजगी व्यक्त की. कोर्ट ने कहा कि लगता है कि झारखंड सरकार हर संस्थान को ध्वस्त करना चाहती है. क्या यह वेलफेयर स्टेट का यही काम है और ऐसे ही सरकार चलती है. जब लैब में सारे काम गोपनीय होते हैं तो वहां आउटसोर्स कर्मियों की नियुक्ति क्यों की गई है. जिस पर सरकार ने कहा कि रिक्त पदों में भर्ती के लिए जेपीएससी को भेजा गया है.

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जेपीएससी संवैधानिक संस्था न होती तो आज ही बंद

कोर्ट ने एफएसएल लैब में रिक्त पदों पर देरी से नियुक्ति के विज्ञापन जारी करने को लेकर जेपीएससी ( झारखंड लोक सेवा आयोग) पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की. कोर्ट ने कहा कि अगर जेपीएससी संवैधानिक संस्थान न होती तो आज ही इसे बंद करने के आदेश पारित कर सकता था.

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सीबीआई ने बाइक सवार से की पूछताछ या उसकी बात मान ली

हाईकोर्ट ने घटना के समय सीसीटीवी कैमरे में दिख रहे बाइक सवार से पूछताछ को लेकर सीबीआई से जानकारी मांगी. कोर्ट ने कहा कि सीबीआई ने उस युवक से पूछताछ कर जानकारी ली या वो सिर्फ उसके बयान को ही सही मान रही है. सीबीआई ने कहा कि पूछताछ में युवक ने बताया कि वो एक्सीडेंट देखकर वह डर गया था, इसलिए बिना रुके वो तेजी से भाग गया.

28 जुलाई को जज की हुई थी मौत

बता दें कि धनबाद के जज उत्तम आनंद की 28 जुलाई को मौत हुई थी. वो जब सुबह मॉर्निंग वॉक पर गए थे, इस दौरान एक आॉटो ने उन्हे टक्कर मार दी थी. इस मामले में कोर्ट ने स्वत संज्ञान लेकर मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी. इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया, जिसमें एकऑटो चालक लखन वर्मा और दूसरा उसका सहयोगी राहुल वर्मा है.

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