रांची में 10 दिनों के अंदर ऑक्सीजन बेड का काम पूरा नहीं होने पर होगी कार्रवाई-HC

Smart News Team, Last updated: Thu, 6th May 2021, 2:46 PM IST
गुरुवार को झारखंड हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सदर अस्पताल में 10 दिनों के भीतर ऑक्सीजन बेड्स का काम पूरा नहीं हुआ तो कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. कोर्ट ने इस मामले में सेल, बोकारो और केंद्र सरकार को भी हस्तक्षेप करने का निर्देश दिया है.
यदि सदर अस्पताल में 10 दिनों के भीतर ऑक्सीजन बेड्स का काम पूरा नहीं हुआ तो कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

रांची. राजधानी के सदर अस्पताल में 300 ऑक्सीजन बेड्स के निर्माण कार्य में देरी को लेकर हाईकोर्ट ने कंपनी को चेतावनी दी है. ऑक्सीजन बेड्स का निर्माण कर रही विजेता कंस्ट्रक्शन कंपनी को चेतावनी देते हुए कोर्ट ने 10 दिन के अंदर काम पूरा करने का आदेश दिया है. साथ ही इस मामले में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड, बोकारो और केंद्र सरकार को भी हस्तक्षेप करने को कहा है. कोर्ट ने कंपनी से इस संबंध में जवाब भी तलब किया है.

आपको बता दें कि झारखंड हाईकोर्ट में ज्योति शर्मा की अवमानना याचिका पर यह सुनवाई हो रही है. गुरुवार को संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान भी हाईकोर्ट ने विजेता कंस्ट्रक्शन को कड़ी फटकार लगाई. हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस एसएन प्रसाद की बेंच ने कंपनी को अपना रवैया सुधारने का निर्देश दिया. कोर्ट ने कहा विजेता कंस्ट्रक्शन ने अपने सब कॉन्ट्रैक्टर्स का पैसा रोक रखा है, जिससे काम में बाधा हो रही है. इसके अलावा इस मामले में गुरुवार को कोर्ट में SAIL की ओर से कहा गया कि उसके पास 5000 लीटर क्षमता वाला ऑक्सीजन टैंकर नहीं है. इस पर अदालत ने HEC और हिंडाल्को को वैकल्पिक व्यवस्था करने का निर्देश दिया है.

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गौरतलब है कि इससे पहले बुधवार को हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान दो जजों की बेंच ने निर्माता कंपनी के जवाब पर नाराजगी जताई थी. कंपनी की ओर से बीते 3 अप्रैल को सुनवाई में कहा गया था कि 30 दिनों के अंदर सदर अस्पताल में ऑक्सीजन बेड्स के निर्माण का काम पूरा हो जाएगा. इस पर नाराजगी जताते हुए अदालत ने 10 दिनों में काम पूरा करने का आदेश दिया. इसके अलावा हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के दौरान विजेता कंस्ट्रक्शन से पूछा कि सदर अस्पताल के ऑक्सीजन बेड में स्टोरेज टैंक का काम कितने दिनों में पूरा हो जाएगा, इस पर एक दिन में जवाब दें. कोर्ट ने इस मामले में सेल, बोकारो और केंद्र सरकार को भी हस्तक्षेप करने का निर्देश दिया. सुनवाई के दौरान विजेता कंस्ट्रक्शन की तरफ से 30 दिनों में काम पूरा करने की बात पर अदालत ने असंतुष्टि जताई.

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बताते चलें कि हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने पक्ष रखा. 3 अप्रैल को हुई सुनवाई में कोर्ट ने सभी संसाधन उपलब्ध कराकर 5 मई तक काम पूरा करने और इस बारे में कोर्ट को सूचित करने का निर्देश दिया था. साथ ही यह भी कहा था कि आदेश न मानने पर कड़ी कार्रवाई होगी लेकिन इसके बाद भी कंपनी द्वारा अभी तक काम पूरा नहीं किया गया.

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