झारखंड हाइकोर्ट ने हेमंत सोरेन सरकार से मांगी आवास आवंटन प्रक्रिया की रिपोर्ट

Smart News Team, Last updated: 14/12/2020 04:29 PM IST
  • झारखंड हाइकोर्ट ने हेमंत सोरेन सरकार से पिछली और वर्तमान सरकार में हुए आवास आवंटन से जुड़ी रिपोर्ट मांगी है. इसी के साथ विधायक नवीन जायसवाल को 20 जनवरी 2021 तक सरकारी बंगला खाली करने की रियायत दी है.
झारखंड हाइकोर्ट ने हेमंत सोरेन सरकार से आवास आवंटन प्रक्रिया से जुड़ी रिपोर्ट मांंगी है.

रांची. झारखंड हाइकोर्ट ने सोरेन सरकार को विधायक नवीन जायसवाल के आवास आवंटन की प्रक्रिया की फाइल पेश करने को कहा है. पिछली सरकार और वर्तमान हेमंत सोरेन सरकार में आवास आवंटन की प्रक्रिया से जुड़ी फाइल को सीलबंद लिफाफे में हाइकोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं.

वहीं झारखंड हाइकोर्ट ने विधायक नवीन जायसवाल को आवास खाली करने की अंतिम तारीख में राहत दी है. 20 जनवरी तक विधायक नवीन जायसवाल सरकारी आवास को खाली कर सकते हैं. विधायक नवीन जायसवाल ने हेमंत सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा था कि उनकी सरकार में आवास आवंटन में काफी भेदभाव किया गया है और विधायकों की वरीयता को भी ध्यान में नहीं रखा गया है. इन आरोपों के बाद हाइकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है. 

झारखंड में BJP MLA रंधीर को बंगला खाली करने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम

इससे पहले बीजेपी विधायक रंधीर सिंह के सरकारी आवास खाली करने के मामले पर हेमंत सरकार ने एक्शन लिया था जिसपर विधायक रंधीर ने आरोप लगाया था कि सरकार भेदभाव कर रही है. बता दें कि 12 दिसंबर को रांची प्रशासन ने भाजपा विधायक को सरकारी बंगला खाली करने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था और कहा था अगर वह दिए समय पर आवास खाली नहीं करते हैं तो उनसे जबरन खाली कराया जाएगा. 

रांची: प्रदेश में बढ़ते रेप के मामलों को लेकर राज्यपाल ने किया डीजीपी के तलब

वहीं रंधीर सिंह ने कहा था कि जो बंगला उन्हें दिया गया है वो तैयार नहीं है तब भी सरकार उनसे जबरन घर खाली करने के लिए कह रही है. रंधीर सिंह ने सरकार के इस एक्शन पर तंज कसते हुए यह भी कहा था कि जबरन आवास खाली कराने की बात की गई है तो वह कोई मुर्गा-मुर्गी या कुत्ता बिल्ली थोड़े हैं जो उनसे जबरदस्ती की जाएगी. 

शिक्षा मंत्री के स्वास्थ्य में सुधार, कोरोना के कारण हुए थे लंग्स ट्रांसप्लांट 

 

अन्य खबरें