झारखंड : कारोना राहत किट में मरीजों को बांटी गई एक्सपायरी दवा, दोषियों पर होगी कार्रवाई

Mithilesh Kumar Patel, Last updated: Sun, 9th Jan 2022, 7:21 PM IST
  • रांची में होम आइसोलेटेड कोरोना संक्रमित सैकड़ों मरीजों को मुख्यमंत्री कोरोना राहत किट के साथ एक एक्सपायर्ड दवा लिवोसेम-एम बांट दी गई है. फिलहाल उस दवा को न खाने की सलाह दी गई है. इस काम में लापरवाही बरतने वाले सभी दोषी पदाधिकारियों पर कार्रवाई की जाने की बात कही गई है. 
झारखंड में मुख्यमंत्री कारोना राहत किट में मरीजों को बांटी गई एक्सपायरी दवा

रांची. झारखंड की राजधानी रांची में एक तरफ लोगों के कोरोना ने परेशान कर रखा है तो दूसरी तरफ इसकी चपेट में आ चुके सक्रमित मंरीजों को जिला प्रोग्राम मैनेजर की लापरवाही के चलते मुख्यमंत्री कारोना राहत किट के साथ एक्सपायर्ड दवा थमा दी गई है. हालांकि दवा मिलने के तुरंत बाद ही लोगों की शिकायत पर प्रशासन की लापरवाही उजागर हुई है. मरीजों द्वारा एक्सपायर्ड दवा मिलने की सूचना के बाद अब प्रशासन हरकत में आ गई है. प्रशासन ने कहा है कि इस काम में लापरवाही बरतने वाले सभी दोषीयों पर कार्रवाई की जाएगी.

रांची समेत सूबे के बाकी जिलों में कोरोना की कहर जारी है. लोगों में इस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है. ऐसे में इससे बचने के लिए लोग खुद एहतियात भी बरत रहे हैं और खुद भी डरकर व संभल कर घर से बाहर निकल रहे हैं. फिर भी जो लोग कोरोना की चपेट में आ गए हैं, उन तक जरूरी चिकत्सकीय सलाह और कोरोना कॉल सेंटर सेल की मदद लेकर उनके जगह को ट्रेस कर जिला प्रशासन द्वारा होम आइसोलेटेड कोरोना संक्रमित मरीजों तक मुख्यमंत्री कोरोना राहत किट मुहैया कराने का फैसला किया गया है. ताकि ऐसे मरीजों को उनके घर पर ही दवा की सुविधा उपलब्ध हो सके. इस बीच शिकायच मिली की रांची जिला प्रशासन द्वारा घर पर रह रहे इन कोरोना संक्रमित मरीजों को एक्सपायर्ड दवा थमा दी गई है.

झारखंड में मुख्यमंत्री कारोना राहत किट में मरीजों को बांटी गई एक्सपायर्ड दवा लिवोसेम-एम

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एक्सपायरी दवा के मामले में बुंडू एसडीएम अजय कुमार साव ने कहा है कि उनके संज्ञान में भी एक्सपायरी दवा का मामला आया है. उन्होंने कहा कि इस मामले की जानकारी रांची डिप्टी कमिश्नर DC छवि रंजन को दे दी गयी है. एसडीएम बुंडू ने आगे कहा कि डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम मैनेजर DPM समरेश कुमार की लापरवाही है.

मामला सामने आने के बाद रांची सिविल सर्जन डॉ विनोद कुमार ने कहा कि पुराने किट में दवा चेंज करने के दौरान गलती हुई है. जिसकी गलती से किट के माध्यम से एक्सपायरी दवा दी गयी है, उस पर जांच करते हुए विभागीय कार्रवाई की जाएगी.

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दरअसल जिस मुख्यमंत्री कोरोना राहत किट एक्सपायर्ड दवा मिला है. उस किट में एक्सपायर्ड दवा के साथ अन्य जरूरी दवा, मास्क और सेनेटाइजर होम आइसोलेटेड कोरोना  संक्रमित मरीजों को दी गई है. यह किट राज्य में बड़ी संख्या में संक्रमित मरीजों को बांटी हई है. बता दें कि किट में मौजूद एंटी एलर्जी की दवा लेवोसेट्रीजीन (लिवोसेम-एम) बीते 11 नवंबर 2021 को ही एक्सपायर हो चुकी थी. फिर भी इस काम में लगे प्रशासनिक कर्मियों की लापरवाही के कारण यह एक्सपायर दवाइयों राहत किट के साथ सैंकड़ों मरीज तक पहुंचा दी गई है. बताया जा रहा है कि होम आइसोलेशन में रहने वाले लोगों को इंसिडेंट कमांडर (अंचलाधिकारी) के जरिए मुख्यमंत्री कोरोना राहत किट दिया गया है. मिली जानकारी के मुताबिक, एक्सपायर्ड लिवोसेम-एम दवा सभी मरीजों को लगातार 10 दिन तक दिन भर में एक गोली खाने की सलाह दी गई थी.

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सदर अस्पताल प्रबंधन : भूलवश एक्सपायरी दवा पहुंच गई हो तो न खाए

सदर अस्पताल प्रबंधन ने भी मेडिसीन किट में एक्सपायरी दवा के होने के मामले में जांच शुरु कर दी है. और उनकी तरफ से कहा गया है कि लापरवाही बरतने वाले संबंधित पदाधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी. प्रबंधन की ओर से बताया गया कि कुछ किट पुराने थे, जिनमें लिवोसेम-एम नाम की दवा थी. होम आइसोलेटेड मरीजों को ऐसे किट के वितरण रोक लगा दी गयी है. फिलहाल जो किट होम आइसोलेटेड मरीजों को वितरित किया जा रहा है, उसमें यह दवाई नहीं है. सिविल सर्जन ने किट लेने वाले मरीजों से अपील किया है कि भूलवश अगर दवा पहुंच गयी हो तो मरीज इसका सेवन ना करें. एसडीओ बुंडू अजय कुमार ने कहा कि इस मामले में जांच कर दोषी पर कार्रवाई की जाएगी.

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