JTET में 60 फीसदी अंक लाने पर होंगे पास, आजीवन मान्य रहेगा सर्टिफिकेट

Mithilesh Kumar Patel, Last updated: Sun, 13th Feb 2022, 11:39 PM IST
  • झारखंड JTET की नई संशोधित गाइडलाइन के तहत सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को परीक्षा पास करने के लिए सभी पेपर में न्यूनतम 40 फीसदी और सभी खंडो को मिलाकर फाइनल रिजल्ट में कम से कम 60 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य होगा. साथ ही पास सर्टिफिकेट की वैलिडिटी आजीवन के आलावा कई और अहम बदलाव किए गए हैं देंखे डिटेल..
JTET की संशोधित नियमावली के तहत हुए कई अहम बदलाव

रांची. हेमंत सोरेन सरकार ने झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) को लेकर कई अहम बदलाव किया है. हाल ही में जारी नई संशोधित गाइडलाइन के जरिए इस बदलाव की जानकारी मिल रही है. झारखंड सरकार ने JTET परीक्षा पास करने वाले सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए हर एक खंड यानी सभी पेपर में कम से कम 40 फीसदी और फाइनल रिजल्ट मेें 60 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य कर दिया है. 

सामान्य वर्ग के आलावा बाकी बचे वर्गों के अभ्यर्थियों के लिए भी इसी तरह परीक्षा पास करने के लिए अंक निर्धारित किया है. JTET के पास सर्टिफिकेट की वैलिडिटी अब सात साल से बढ़ाकर आजीवन करने का फैसला किया है. साथ ही इस नई व्यवस्था को सरकार ने JTET 2013 और JTET 2015 के पास सर्टिफिकेट पर भी लागू कर दिया है यानी अब इनकी वैलिडिटी आजीवन के लिए कर दी गई है.

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बाकी बचे वर्गों के अभ्यर्थियों लाना होगा इतना अंक

अनुसूचित जाति SC, अनुसूचित जनजाति ST व आदिम जनजाति और दिव्यांग PwD के अभ्यर्थियों को हर एक खंड में कम से कम 30 प्रतिशत और कुल प्राप्तांक में कम से कम 50 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य होगा. इसी तरह बीसी वन BC1, बीसी टू BC2 और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग EWS के अभ्यर्थियों को सभी पेपर में कम से कम 35 फीसदी और कुल प्राप्तांक में कम से कम 55 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य होगा.  

JTET परीक्षा पास सर्टिफिकेट की वैलिडिटी हुई आजीवन

JTET परीक्षा के पास सर्टिफिकेट की वैलिडिटी अब 7 साल से बढ़ाकर आजीवन कर दी गई है. यहीं नियम  JTET 2013 और JTET 2015 के पास सर्टिफिकेट पर भी लागू की गयी है. इन सब से अलग सरकार ने नई गाइडलाइन के जरिए सूचित किया है कि JTET परीक्षा भी चिह्नित जिलावार क्षेत्रीय/जनजातीय भाषाओं को देखते हुए आयोजित कराई जाएगी. टीचर बनने के लिए अभ्यर्थीयों को आवेदित जिला के क्षेत्रीय/जनजातीय भाषा के अनुरुप किसी एक स्थानीय भाषा में JTET परीक्षा देनी होगी. साथ ही संबंधित उस लोकल राज्यस्तरीय आधिकारिक भाषा और उसके के व्याकरण की जानकारी भी होनी चाहिए.

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