पूजा के दौरान तालाब में डूबने से 7 बच्चियों की मौत, ग्रामीणों ने की 20 लाख मुआवजा, सरकारी नौकरी की मांग

Swati Gautam, Last updated: Sat, 18th Sep 2021, 7:29 PM IST
  • झारखंड के लातेहार जिले में करम डाली विसर्जन के लिए गई 7 बच्चियों की तालाब में गिरने से मौत हो गई. इस दर्दनाक हादसे पर सीएम हेमंत सोरेन ने भी दुख जताया है. वहीं ग्रामीणों का कहना है कि मांडर गढ़ा में रेलवे संवेदक द्वारा अवैज्ञानिक तरीके से खोदे गए गड्ढे के कारण ही यह घटना हुई है. ग्रामीण मृतकों के परिजनों को 20 लाख और एक सरकारी नौकरी देने की मांग ने विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं जिसके कारण सड़के जाम हो गई हैं.
पूजा के दौरान तालाब में डूबने से 7 बच्चियों की मौत, ग्रामीणों ने की 20 लाख मुआवजा, सरकारी नौकरी की मांग (फाइल फोटो)

रांची. लातेहार जिले के शेरेगाड़ा गांव में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया. जहां करम डाली विसर्जन के लिए तालाब किनारे गई 7 बच्चियों की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई. घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण लोग वहां एकत्रित हो गए. पुलिस को भी सूचना दी गई मौके पर पुलिस घटनास्थल पहुंची. इस घटना पर लातेहार उपायुक्त अबु इमरान ने मामले की जाँंच के लिए टीम गठित कर दी है. उन्होंने कहा कि अगर रेलवे द्वारा असंवैधानिक तरीके से गड्डा खोदा गया है, तो जांच कर उन पर कार्रवाई की जाएगी.

लातेहार में हुई इस दर्दनाक घटना पर सीएम हेमंत सोरेन ने भी दुख जताया है. उन्होंने ट्वीट पर लिखा कि 'लातेहार जिले के शेरेगाड़ा गांव में करम डाली विसर्जन के दौरान 7 बच्चियों की डूबने से हुई मौत की खबर सुनकर स्तब्ध हूँ. परमात्मा दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान कर शोक संतप्त परिवारों को दुःख की घड़ी सहन करने की शक्ति दे. वहीं 7 बच्चियों की एक साथ मौत पर पूरे गांव में शोक की लहर छा गई. सभी बच्चियों की उम्र 10 वर्ष से लेकर 20 वर्ष के बीच है. बालूमाथ थाना पुलिस सभी शवों को अपने कब्जे में लेकर बालूमाथ ले आई.

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करम पूजा भाइयों को लंबी उमर के लिए की जाती है लेकिन किसे पता था कि बहनें इस दिन अपनी ही जान खो बैठेंगी. मरने वालों में एक ही परिवार की तीन बेटियां रेखा, लक्ष्मी एवं रीना था. घर में उनका इकलौता भाई था. अब घर में सिर्फ भाई बच गया है. वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि मांडर गढ़ा में रेलवे संवेदक द्वारा अवैज्ञानिक तरीके से खोदे गए गड्ढे के कारण ही यह घटना हुई है. ग्रामीण रेलवे संवेदक पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग पर अड़े हुए हैं. साथ ही उनकी मांग है कि मृतक के परिजनों को 20 लाख मुआवजा और एक सरकारी नौकरी दी जाए. जिसको लेकर ग्रामीणों ने रांची चतरा मुख्य पथ को जाम कर दिया.

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