केंद्र की पेंशन और बीमा योजना से मनरेगा मजदूरों को जोड़ने के लिए झारखंड सरकार चलाएगी अभियान

Somya Sri, Last updated: Wed, 10th Nov 2021, 11:50 AM IST
  • झारखंड में मनरेगा मजदूरों को केंद्र सरकार की पेंशन और बीमा योजना से जोड़ा जाएगा. इस संबंध में ग्रामीण विकास विभाग ने सभी जिलों के उपायुक्तों को पत्र के माध्यम से दिशा-निर्देश जारी किए हैं. पत्र में सभी उपायुक्तों को आदेश दिया है कि वे अपने अपने जिले में मनरेगा मजदूरों और उनके परिवारों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने के लिए केंद्र सरकार की पेंशन और बीमा योजना से जोड़े. 
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (फाइल फोटो)

रांची: झारखंड में मनरेगा मजदूरों को केंद्र सरकार की पेंशन और बीमा योजना से जोड़ा जाएगा. इसके लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार अभियान चलाएगी. बताया जा रहा है कि कि इस संबंध में ग्रामीण विकास विभाग ने सभी जिलों के उपायुक्तों को पत्र के माध्यम से दिशा-निर्देश जारी किए हैं. पत्र में सभी उपायुक्तों को आदेश दिया है कि वे अपने अपने जिले में मनरेगा मजदूरों और उनके परिवारों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने के लिए केंद्र सरकार की पेंशन और बीमा योजना से जोड़े. पत्र में लिखा गया है कि इस संबंध में उपायुक्त अभियान चलाए.

ग्रामीण विकास विभाग की ओर से सभी उपायुक्त को निर्देश दिया गया है मनरेगा मजदूरों को अपने जिले में रोजगार सुनिश्चित करें साथ ही अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना से जोड़े. इसके लिए उवयुक्तों को विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है.

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वहीं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव मनीष रंजन ने कहा कि ‘जीविका भी, जीवन भी’ के मंत्र पर सरकार सभी मनरेगा मजदूरों के आर्थिक रूप से सुदृढ करने की दिशा में काम कर रही है. वर्तमान में प्रदेश के विभिन्न जिलों में मनरेगा में 41 लाख 63 हजार 806 मजदूर कार्यरत हैं. उन्होंने कहा कि, "राज्य सरकार मनरेगा मजदूरों के साथ खड़ी है. यही कारण है कि काम के दौरान या दुर्घटना में मौत होने या घायल होने वाले मनरेगा मजदूरों को सरकार अनुग्रह राशि के रूप में क्रमशः 75,000 रुपये और 37,500 रुपये देती है."

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