लेखा परीक्षा रिपोर्टः झारखंड में मनरेगा स्थलों पर 25 फीसदी कर्मी ही काम करते पाए गए

Shubham Bajpai, Last updated: Sat, 15th Jan 2022, 12:53 PM IST
झारखंड में मनरेगा के तहत कर्मचारियों को लेकर सरकारी लेखा परीक्षा रिपोर्ट सामने आई है. जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. राज्य में केवल 25 फीसदी कर्मचारी ही काम करने पाए गए. वहीं, कई स्थानों में काम करने वाले लोगों के स्थान पर दूसरे कर्मी काम करते मिले.
लेखा परीक्षा रिपोर्ट झारखंड में मनरेगा स्थलों पर 25 फीसदी कर्मी ही काम करते मिले

रांची (भाषा). झारखंड में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को लेकर ऑडिट रिपोर्ट सामने आए है, जिसमें लेखा परीक्षा ने जानकारी दी कि रिपोर्ट में कई स्थानों पर केवल 25 फीसदी कर्मचारी काम करते पाए गए. रिपोर्ट में ऐसे मामलों की जानकारी सामने आई है कि कुछ ऐसे लोगों को स्थलों पर काम करते पाया जिनके नाम हाजिरी रजिस्टर में नहीं मिले. इस दौरान लेखा परीक्षा के दौरान सभी 24 जिलों के 1,118 पंचायती इलाकों में कुल 29,059 योजनाओं का सत्यापन किया गया.

झारखंडः 26 जनवरी से मिलेगी पेट्रोल पर 25 रुपये सब्सिडी, CM सोरेन ने दिए ये निर्देश

रिपोर्ट में कहा गया है कि समवर्ती सामाजिक लेखा परीक्षा के दौरान जारी कुल हाजिरी रजिस्टर के अनुसार, कार्यस्थलों पर 1,59,608 कर्मचारी होने चाहिए थे, लेकिन केवल 40,629 (25.45 प्रतिशत) कर्मचारी कार्यस्थलों पर काम करते हुए वास्तव में पाए गए.

झारखंड सरकार के ग्रामीण विकास विभाग की समवर्ती सामाजिक लेखा परीक्षा रिपोर्ट 2021-2022 में कहा गया है कि हाजिरी रजिस्टर में 1,787 लोगों के नाम नहीं पाए गए, लेकिन वे कार्यस्थलों पर काम कर रहे थे.

इसमें कहा गया है कि लेखा परीक्षा के दौरान सभी 24 जिलों के 1,118 पंचायती इलाकों में कुल 29,059 योजनाओं का सत्यापन किया गया.

रिपोर्ट में कहा गया है कि दो चरणों में की गई लेखा परीक्षा अक्टूबर 2021 में पूरी हुई. पहले चरण में 500 पंचायतों और दूसरे चरण में 743 पंचायतों की लेखा परीक्षा की गई.

अन्य खबरें