झारखंड पुलिस के काम में सुधार के लिए उठाए तीन बड़े कदम, जानें

Smart News Team, Last updated: Wed, 24th Feb 2021, 10:38 AM IST
  • झारखंड में नक्सल गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए और पुलिसिंग को और बेहतर बनाने के लिए झारखंड पुलिस की तरफ से तीन बड़े कदम उठाए गए हैं.राज्य में अक्सर होती रहती आगजनी की वारदातों को रोकने के लिए इलाके के विभिन्न थाना अधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी.
झारखंड: राज्य में आगजनी और अपराध रोकने के लिए पुलिस ने शुरू की कवायद

रांची। झारखंड में दिन प्रतिदिन बढ़ती नक्सल गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए और पुलिसिंग को और बेहतर बनाने के लिए झारखंड पुलिस की तरफ से तीन बड़े कदम उठाए गए हैं. राज्य में अक्सर होती रहती आगजनी की वारदातों को रोकने के लिए इलाके के विभिन्न थाना अधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी. थानेदारों की जिम्मेदारियों को लेकर शाखा की तरफ से विशेष निर्देश जारी किए गए हैं. वहीं दूसरी तरफ पुलिस मुख्यालय ने पुलिस सिस्टम सुधारने के लिए बॉडीगार्ड तैनात करने और पुलिसलाइन की व्यवस्था को सुधारने के लिए भी अहम फैसले लिए हैं.

विशेष शाखा द्वारा दिए गए निर्देश के अनुसार राज्य के सभी जिलों में बॉडीगार्ड्स के रूप में तैनात किए गए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी को हर छह महीने बाद बदला जाएगा. आदेश के अनुसार सभी जिलों के पुलिस एसपी को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी पुलिसकर्मी एक जगह पर छह महीने से ज्यादा तैनात न रहे.यहां गौरतलब है कि पहले भी बॉडीगार्ड के रूप में तैनात पुलिसकर्मी को फिर बॉडीगार्ड के पद पर तैनात करने के फैसले पर पुलिस मुख्यालय ने रोक लगा दी थी.

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वहीं दूसरी तरफ राज्य में बढ़ती आगजनी की वारदातों को रोकने के लिए विशेष शाखा की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं. इन निर्देशों के अनुसार सभी 24 जिलों के थानेदारों को उन सभी जगहों को चिन्हित करना होगा जहां विकास योजना के लिए निर्माण कार्य चल रहा है. थानेदारों को जिम्मेदारी दी गई है कि निर्माण कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करवा कर निर्माण स्थल से जेसीबी समेत सभी मशीनों को नजदीकी थाने में शिफ्ट किया जाए जिससे अपराधिक तत्व आगजनी की घटना को अंजाम न दें पाए.

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एक और बड़ा कदम उठाया गया है कि हर हफ्ते राज्य के सभी जिलों में एसपी द्वारा पुलिसलाइन की जांच की जाएगी. पुलिस मुख्यालय ने आदेश दिया है कि सभी जिलों के एसपी को हर हफ्ते पुलिस लाइन जाकर सार्जेंट मेजर कार्यलय और रक्षित कार्यालय की सभी फाइलों की जांच करनी होगी. जांच में किसी तरह की कोई भी गड़बड़ी सामने आने पर एसपी द्वारा कार्रवाई की जाएगी.

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